पूर्णिया में राष्ट्रभक्ति और अनुशासन का महासंगम: विजयादशमी पर निकला भव्य पथ संचलन

विजयादशमी उत्सव के अवसर एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पूर्णिया में एक भव्य, अनुशासित और आकर्षक पथ संचलन का आयोजन किया गया। पूर्णिया में आयोजित इस विशाल संचलन में जिले भर से आए सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश धारण कर अपनी भागीदारी निभाई। अनुशासित कदमों की ताल, घोष दल (बैंड) की राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत धुनों और नगरवासियों द्वारा जगह-जगह की गई पुष्प वर्षा ने पूरे पूर्णिया शहर को राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के रंग में सराबोर कर दिया।

​पूर्णिया शहर के कला भवन में 18 अक्टूबर को प्रातः 08:00 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णा गोपाल जी, विभाग संघचालक ठाकुर रामनारायण सिंह जी एवं जिला संघचालक डॉ. एच एन राय जी ने भारत माता के चित्र, संघ के संस्थापक प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी एवं श्री गुरुजी के चित्रों पर माल्यार्पण और शस्त्र पूजन किया।

स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्णा गोपाल जी ने कहा कि यह पर्व केवल रावण पर श्रीराम की विजय का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और असुरी शक्तियों पर दैवीय शक्तियों की विजय का शाश्वत संदेश देता है। संघ अपने स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस वर्ष संघ ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंतन करके पंच परिवर्तन का संकल्प लिया है। पंच परिवर्तन में गोपाल जी ने ​सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी का अपनाव और नागरिक कर्त्तव्यबोध है। सामाजिक समरसता का तात्पर्य समाज में जाति-पाति, ऊँच-नीच के भेदभाव को पूरी तरह समाप्त कर एक सशक्त और एकजुट समाज का निर्माण करने से है। ​पर्यावरण संरक्षण अर्थात प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। ​कुटुंब प्रबोधन मतलब पारिवारिक मूल्यों को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति व नैतिक मूल्यों से जोड़ने से है।  इसी प्रकार स्थानीय उद्योगों और कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बढ़ाना और प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र प्रथम की भावना जगाना भी पंच परिवर्तन में शामिल है।

​इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने पथ संचलन भी निकाला। ​पथ संचलन कला भवन मैदान से निकलकर भट्ठा बाजार, आर.एन. शाह चौक, खीरू चौक, टैक्सी स्टैंड होते हुए पुन: अपने समापन स्थल कला भवन पहुंचा। ​पथ संचलन का स्वागत करने के लिए पूर्णिया शहर के नागरिकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया।

​मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक एवं प्रतिनिधियों तथा स्थानीय निवासियों ने स्वयंसेवकों पर जमकर पुष्प वर्षा की।
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कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख मनोज जी, प्रान्त प्रचारक रविशंकर जी, सह प्रांत प्रचारक प्रवीर जी, प्रांत बौध्दिक शिक्षण प्रमुख संतोष जी, विभाग प्रचारक रौशन जी समेत शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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