गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला चल रहा है। यहां विश्व के कोने कोने से अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धालु आ रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार इस वर्ष 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री यहां पिंडदान करेंगे।
इतनी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने से बीमारी की भी आशंका रहती है। स्थिति को देखते हुए कुछ वर्षों से सेवा भारती द्वारा प्रति वर्ष स्वास्थ्य शिविर लगाया जाता है। इस वर्ष इस क्षेत्र में 3 स्वास्थ्य शिविर सेवा भारती द्वारा लगाए गए हैं।

बोधगया में 2 शिविर लगा है। एक बीटीएमसी के गेट पर और दूसरा कालचक्र मैदान के पास। बीटीएमसी गेट पर होमियोपैथी चिकित्सा की जा रही है। जबकि कालचक्र मैदान के पास एलोपैथी चिकित्सा। गयाजी में विष्णुपद मंदिर के पास भी स्वास्थ्य शिविर लगा है। यहां भी एलोपैथी चिकित्सा की जा रही है। तीनों शिविर में आयुर्वेद के वैद्य भी रहते हैं। प्रत्येक शिविर में 5 चिकित्सक हर समय उपस्थित रहते हैं। तीन दिन बाद इनका क्रम बदल जाता है। इस प्रकार 100 से अधिक चिकित्सक पितृ पक्ष में अपनी निःशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। ये सभी चिकित्सक बिहार के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज जैसे एम्स, आईजीआईएमएस, पीएमसीएच, गया मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए हैं। सेवा भारती के इस शिविर में कई चिकित्सक एनएमओ जैसे संगठनों से भी जुड़े हैं।
स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों का मानना है कि ये तीनों शिविर उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। प्रत्येक शिविर में 1 हजार से अधिक मरीज अपनी चिकित्सा कराने आ रहे हैं। इस प्रकार 3 हजार से अधिक रुग्ण यहां की चिकित्सा से स्वस्थ हो रहे हैं। पूरे पितृपक्ष में 50 हजार से अधिक बीमार मरीजों की निःशुल्क सेवाएं दे कर सेवा भारती एक कीर्तिमान स्थापित करने जा रही है।
