मुंगेर, 24 मई
किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके कार्यकर्ताओं में होती है। विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य, समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य और संगठन के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने का कार्य एक जागरूक, प्रशिक्षित और संस्कारित कार्यकर्ता ही कर सकता है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र कार्यवाह डॉ मोहन सिंह ने मुंगेर के पुरानीगंज स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित कार्यकर्ता विकास वर्ग (सामान्य) प्रथम के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किया। इसमें उत्तर-पूर्व क्षेत्र (बिहार – झारखंड) के 128 शिक्षार्थी भाग ले रहे हैं। यह वर्ग 23 मई से 13 जून तक मुंगेर स्थित पुरानीगंज के सरस्वती विद्या मंदिर में चलेगा।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह वर्ग एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वयं को राष्ट्र, समाज और संगठन के प्रति अधिक सक्षम, अनुशासित और समर्पित बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्थापना काल के समय से ही प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करता रहा है। पहले इसका नाम संघ शिक्षा वर्ग – प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष था। लेकिन कुछ समय पूर्व इसके नाम में बदलाव लाया गया है। प्रथम वर्ष का नाम तो यथावत संघ शिक्षा वर्ग ही परंतु द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष का नाम बदलकर अब कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम और द्वितीय हो गया है। इन वर्गों से कार्यकर्ता के विचारों में स्पष्टता, कार्य में दक्षता और व्यवहार में विनम्रता आती है। वर्गों में कार्यकर्ता अनुशासन के महत्व को समझता है और उसके जीवन में अनुशासन विकसित होता है।
