भारती शिक्षा समिति बिहार, पटना के तत्वावधान में आयोजित गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी के प्रांगण में प्रशिक्षण वर्ग के ग्यारहवें दिन का प्रारंभ विद्या भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप बेतकेकर एवं वर्ग के प्रधानाचार्य डॉ धीरेन्द्र झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप बेतकेकर ने कहा कि व्यक्ति राष्ट्र के लिए है राष्ट्र व्यक्ति के लिए नहीं। प्रत्येक राष्ट्र की उन्नति अथवा अवनति इस बात पर निर्भर करती है कि नागरिकों में राष्ट्रीयता की भावना किस सीमा तक विकसित हुई। राष्ट्रीयता की शिक्षा राष्ट्र की संस्कृति का संरक्षण, विकास तथा हस्तांतरण करती है। सम्पूर्ण देश में केवल मुट्ठी भर लोग धनवान है तथा अधिकतर निर्धन। भारत को पूरे दुनियां की प्रतिबिम्ब कहा जाता है। राष्ट्रीयता की शिक्षा व्यक्ति के विकास को लक्ष्य न मानकर उसे राष्ट्र की उन्नति का साधन बना देती है।

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वही डॉ धीरेन्द्र झा ने कहा कि सर्वप्रथम युवाओं को अपने मन से निराशा व हताशा के भावों को जड से उखाड़ फेंकना होगा। प्रत्येक व्यक्ति की भांति प्रत्येक राष्ट्र का भी एक विशेष जीवनोद्देश्य होता है। वही उसके जीवन का केंद्र है,उसके जीवन का प्रधान स्वर है, जिसके साथ अन्य सब स्वर मिलकर समरसता उत्पन्न करते हैं। यह मानव जीवन हमें कर्म करने के लिए मिला है। हमें ईश्वर के अस्तित्व और कर्मफल के सिद्धांत को सदैव ध्यान में रखना होगा।

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मंच संचालन एवं अतिथि परिचय वर्ग के प्रधानाचार्य डॉ धीरेन्द्र झा द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव गोपेश कुमार घोष, प्रदेश सह सचिव प्रकाश चन्द्र जायसवाल, रमेश चन्द्र द्विवेदी, वीरेन्द्र कुमार, राजेश कुमार रंजन, राकेश नारायण अम्बष्ठ, रामलाल सिंह, मथुरा पांडे, किशोरी पंडित, विनोद कुमार, सतीश सिंह, मनोज मिश्र, रणजीत सिंह, शशि भूषण मिश्र एवं सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।

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