पटना, 28 अक्टूबर। विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘सिनेमेटोग्राफी कार्यशाला’ का दूसरा दिन संपन्न हुआ। कार्यशाला में कुल चार सत्र थे। प्रथम सत्र सिनेमेटोग्राफी के सिद्धांत (थ्योरी) पर आधारित था। कार्यशाला के
प्रशिक्षक महेश दिगराजकर (एफटीआईआई, पुणे) ने प्रशिक्षुओं को फिल्म के कंपाजिशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षुओं को पीपीटी (पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन) के माध्यम से शाॅर्ट्स की विविधता एवं फिल्म में उसके उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा वीडियों में प्रकाश व रंग तथा फाइन आटर्स आॅफ क्रिएशन के बारे में भी छात्रों को बताया।
वहीं कार्यशाला के दूसरे सत्र में प्रथम सत्र में बताये गये थ्योरी को प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) रूप दिया गया। इसमें अलग-अलग वीडियो क्लिप के माध्यम से शाॅटर्स, प्रकाश व रंग का प्रयोग समझाया गया।
कार्यशाला के तीसरे सत्र में प्रशिक्षुओं को संस्था की ओर से अमित शर्मा द्वारा निर्देशित तथा आयुष्मान खुराना अभिनीत फिल्म ‘बधाई हो’ रीजेंट सिनेमा हाॅल में दिखाया गया।
कार्यशाला के अंतिम सत्र में ‘बधाई हो’ फिल्म के सिनेमेटोग्राफी के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यशाला में 19 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया।

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