पटना, 17 जून। शैक्षणिक रिपोर्टिंग में अकूत संभावनाएं छुपी हुई हैं। किसी भी राज्य एवं उसकी पीढ़ी के बेहतर भविष्य का निर्माण उत्कृष्ट शैक्षणिक रिपोर्टिंग के द्वारा संभव है। शैक्षणिक रिपोर्टिंग में प्राथमिक विद्यालय स्तर से लेकर विश्वविद्यालय तक की शिक्षा शामिल होती है। उक्त बातें विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित दो दिवसीय शैक्षणिक कार्यशाला में उभरकर सामने आई।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए बी. डी. पब्लिक स्कूल के संस्थापक माननीय शिव बिहारी राय ने कहा कि पत्रकारों को चार बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए- निर्भीक रहकर संतुलित रिपोर्टिंग, अपने विषय के बारे में अधिक जानकारी तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से निरंतर संपर्क। छात्रों के संबंध में उन्होंने कहा कि पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए फिर उसे प्राप्त करने के लिए जी जान से लग जाना चाहिए।

दीघा के विधायक एवं विश्व संवाद केंद्र के सचिव डॉक्टर संजीव चौरसिया ने कहा कि हमें अपने गौरवशाली इतिहास से सीख लेना चाहिए। इतिहास से शिक्षा लेकर वर्तमान को संभालना है। पत्रकार समाज के बीच सेतु का कार्य करता है, वह समाज एवं सरकार में सामंजस्य बिठाता है। विश्व संवाद केंद्र देशभक्त पत्रकारिता की पाठशाला है। समाज में फैले अफवाह को शिक्षा के माध्यम से दूर करना है। किसी भी विधा में देश प्रथम की बात अवश्य होनी चाहिए।

पत्रकारिता के इस कार्यशाला में प्रभात खबर के वरिष्ठ संवाददाता अमित कुमार ने प्रतिभागियों को शैक्षणिक पत्रकारिता की गूढ़ बातों को बताया। उन्होंने शैक्षणिक पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की जानकारी दी।

शैक्षणिक पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुचर्चित प्रो. बसंत कुमार मिश्र ने पत्रकारिता के  मूलभूत  बातों के बारे में  चर्चा की।  उन्होंने 1974 से लेकर  अब तक के शैक्षणिक पत्रकारिता के उतार-चढ़ाव के बारे में बताया।  उन्होंने  प्रतिभागियों के साथ वार्तालाप में यह भी बताया कि एक अच्छी रिपोर्ट समाज में कैसे परिवर्तन ला सकती है, प्रदेश को एक नई दिशा दे सकती है।

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