देश में वैश्विक महामारी कोरोना के कारण पूरे देश में लगभग एक माह से भी अधिक दिनों से लॉक डाउन चल रहा है जिसके कारण समाज में लोग शिक्षा, व्यापार एवं रोजगार जैसी विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में समाज का कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे इसके लिए विद्या भारती के कार्यकर्ताओं को सेवा कार्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। विद्या भारती के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे वैसे विद्यालय जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन्हें भी हमे मदद करना चाहिए। वर्तमान में सीबीएसई के एडभाइजरी कमिटि द्वारा जारी निर्देश के आलोक में विद्यालय का संचालन करते हुए छात्रों के लिए व्यवस्थित दिनचर्या बनाकर उनके अभिभावकों को दें। जिससे छात्र समय का सदुपयोग कर सके । उक्त बातें भारती शिक्षा समिति, बिहार के अन्तर्गत चलने वाले सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्यों को जूम एप से संबोधित करते हुए विद्या भारती उत्तर-पूर्व क्षेत्र के सचिव दिलीप कुमार झा ने कही। उन्होने कहा कि वर्तमान समय में टेक्नोलाजी के माध्यम से हीं शिक्षण कार्य संभव है। इसलिए विद्यालय के सभी आचार्य घर पर हीं रहकर अपनी कल्पनाशीलता के आधार पर ई-लर्निंग के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण की व्यवस्था करें जिसमें छोटे कक्षाओं के लिए वर्कशीट और उपर की कक्षाओं हेतु टेस्ट पेपर तैयार कर बच्चों द्वारा हल करने के बाद उसे मॅगवाकर इसका रिकार्ड संचित करें। लॉक डाउन के बाद सभी प्रधानाचार्य और आचार्य केंद्र पर रहें। उन्होने चायनीज सामानों के बहिष्कार की भी अपील की।

लॉकडाउन में फंसे आचार्यों को सरकार के आदेशानुसार वापस लाने की व्यवस्था करने पर संगठन कर रही है विचार


 

मौके पर उपस्थित भारती शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश सचिव गोपेश कुमार घोष ने कहा कि लॉकडाउन में फंसे आचार्यों को सरकार के एडभाइजरी के अनुसार वापस लाने की व्यवस्था करने पर संगठन विचार कर रही है। विद्यालय में कार्यरत आचार्य एवं कर्मचारी का मानधन समय पर भुगतान हो सके इसके लिए दूरभाष के माध्यम से अभिभावक सम्पर्क कर शुल्क जमा करने के आग्रह का सुझाव उन्होने दिया।

विद्या भारती के सभी विद्यालयों को अपना एप व यूट्यूब चैनल बनाकर शिक्षण कार्य करने की सलाह


उपस्थित प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए भारती शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश सहसचिव प्रकाशचंद्र जायसवाल ने कहा कि लॉकडाउन को देखते हुए जुलाई माह तक के ऑनलाईन शिक्षण का सशक्त पाठ्यक्रम तैयार कर उसे टीचींग लर्निंग मेटेरियल के माध्यम सें छात्रों को दिया जाए ताकि वे इसे आसानी से समझ सके। ईलर्निंग को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने के लिए उन्होने प्रत्येक विद्यालय को अपना एप तथा यूट्यूब चैनल बनाकर शिक्षण कार्य करने की सलाह दी।

विद्या भारती के शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान ‘विद्या भारती इंस्टीच्यूट ऑफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग’ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र संयोजक मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि विद्या भारती के प्रत्येक विद्यालय अपने को ईलर्निंग का केन्द्र बनाएं ताकि इसका लाभ समाज के दूसरे विद्यालय के छात्रों को भी मिल सके। इस कार्य में समाज के शिक्षाविदों को जोड़कर उनका भी सहयोग लिया जा सकता है। उन्होने कहा कि ‘विद्या भारती इंस्टीच्यूट ऑफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा प्रेषित फार्मेट जिसमें विद्यालय द्वारा किए गए नवाचार कार्य, अगले तीन माह में ईलर्निंग कक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना तथा लॉकडाउन का अनुभव आदि शामिल है को भरकर 02 मई तक भेजें। आगे उन्होने ईलर्निंग को प्रभावी बनाने के लिए निष्ठा एप के उपयोग की सलाह दी।
इस बैठक में मुख्य रूप से विद्या भारती उत्तर-पूर्व क्षेत्र के संगठन मंत्री ख्याली राम सहित दक्षिण बिहार में चल रहे सी बी एस ई से मान्यता प्राप्त समस्त सरस्वती विद्या मंदिरों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।

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