आज का समय वैज्ञानिक तकनीक से जुड़ा है जिसमें शिक्षण की गतिविधियाँ, पढ़ाने के तरीके, शिक्षण कौशल विकास को तकनीक के माध्यम से बच्चों में किस तरह से ज्ञान को प्रभावी तरीके से विकसित किया जाए इसी तकनीक का प्रशिक्षण गुरुशाला के माध्यम से शिक्षकों को दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को सक्षम बनाकर पठन-पाठन को और रोचक बनाया जा रहा है जिसका लाभ विद्यार्थियों को भरपूर मिलेगा। इस प्रशिक्षण में मुंगेर शहर में अवस्थित समस्त शिशु/विद्या मंदिरों के प्राथमिक विद्यालयों के लगभग 167 एवं माध्यमिक स्तर के 165 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। उक्त बातें भारती शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश सचिव प्रकाशचंद्र जायसवाल ने कही।

आगे उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में एक शिक्षक से न केवल छात्रों को सम्पूर्ण रुप से पढ़ाने की अपेक्षा की जा रही है बल्कि पठन सामग्री बनाना और रोमांचक एवं नवीन तरीकों का प्रयोग करके छात्रों को पढ़ाई में संलग्न रखना इसकी भी आवयश्कता सामने आ गई है। इसी के चलते शिक्षकों के कौशल विकास पर प्रकाश डाला 23f57e84-683a-47d6-a675-2856824d2636गया जिसके लिए गुरुशाला ने विद्या भारती दक्षिण बिहार, उत्तर बिहार एवं झारखण्ड के शिक्षकों के लिए 23 नवम्बर से 27 नवम्बर तक आनलाईन प्रशिक्षण का आयोजन करवाया। प्रशिक्षण के प्रमुख विषय थे – कक्षा 1-5 के शिक्षकों के लिए डिजिटल सामग्री का डिजाइन और निर्माण और कक्षा 6-12 के लिए शिक्षण के अंतःविषय विधि का उपयोग करना।

 

मौके पर उपस्थित वरिष्ठ माध्यमिक सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ने कहा कि आनलाइन शिक्षण के इस समय में गुरुशाला पूरे देश के शिक्षकों के लिए बहुत मददगार साबित हो रहा है। गुरुशाला 2019 से कक्षा में और कक्षा के बाहर शिक्षा को बेहतर करने के लिए शिक्षकों की क्षमता का निर्माण करके छात्रों के सीखने के स्तर को साकारात्मक रुप से प्रभावित करने के लिए काम कर रहा है। गुरुशाला पूरे भारत में 22 राज्यों के 40,000 शिक्षकों के प्रयासों को प्रेरित करने और उनका समर्थन करने में लगा हुआ है।आगे उन्होनें कहा कि यह प्रशिक्षण विद्या भारती झारखण्ड, नाॅर्थ बिहार और साउथ बिहार की सहायता से सम्पूर्ण हो पाया है। गुरुशाला के इस प्रशिक्षण में शिक्षण रणनीतियों एवं छात्रों के साथ संलग्न होने के नवीन तरीकों के बारे में चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण में सीखने के अंतराल, सहकारी सीखने की रणनीतियों और एक दिलचस्प कार्य की पहचान करने के लिए औपचारिक मूल्यांकन के प्रकारों सहित विषय शामिल थे। इस प्रशिक्षण में लगभग 2000 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।

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वरिष्ठ माध्यमिक सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर के उपप्रधानाचार्य उज्ज्वल किशोर सिन्हा ने कहा कि गुरुशाला इंडस टावर्स लिमिटेड और वोडाफोन इंडिया फाउंडेशन की पहल है और प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा कार्यान्वित है। गुरुशाला वेबसाइट दूरस्थ शिक्षा के साथ छात्रों के सीखने में सुधार और छात्रों के समग्र विकास को प्राप्त करने के लिए शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए काम करती है। वर्तमान में, गुरुशाला आनलाइन शिक्षण में शिक्षकों के प्रयासों की सहायता के लिए साप्ताहिक आनलाइन प्रशिक्षण, विषय विशेषज्ञ सत्र, प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही है। इसके अलावा, गुरुशाला पोर्टल स्वयं-आनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान करता है और गुरुशाला की कंटेंट लाइब्रेरी में शिक्षण सामग्री भी उपलब्ध है जिनका शिक्षक स्वतंत्र रुप से उपयोग कर सकते हैं। केवल ये ही नहीं www.gurushala.co पर एक आनलाइन स्टॉफरूम, 30 से भी अधिक शिक्षक समुदाय, ब्लॉग, प्रतियोगितायें, छात्रों के लिए क्विज और शिक्षकों के लिए रोमांचक खेल आदि उपलब्ध हैं जहाँ पर देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़कर शिक्षक विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हैं। क्षेत्रीय बालिका शिक्षा संयोजिका कीर्ति  रश्मि ने कहा कि इस हेतु गुरुशाला व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शिक्षकों द्वारा आनलाइन टीचर ट्रेनिंग रजिस्ट्रेशन किया गया। गुरुशाला 23 और 24 नवंबर 2020 को प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए और 26-27 नवंबर 2020 को वरिष्ठ विद्यालय के शिक्षकों के लिए सुबह 10:30 बजे से आनलाइन शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें विद्यालय के सभी शिक्षकगण भाग लिए। प्रशिक्षण के बाद सभी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

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