पटना। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बिहार का तीन दिवसीय प्रदेश कार्यकारी परिषद बैठक रोहतास के स्थानीय महिला महाविद्यालय, सासाराम के मुख्य सभागार में अभाविप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. पूनम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ममता कुमारी, प्रदेश मंत्री श्री अभिषेक यादव एवं प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. सुग्रीव कुमार ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती व स्वामी विवेकानंद जी के तैलचित्र के समक्ष पुष्प अर्पित व दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. पूनम सिंह ने कहा कि आज विद्यार्थी परिषद कैम्पस में छात्रों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ समाज क्षेत्र के विविध क्षेत्रों में भी कार्य कर रहे है। स्वाधीनता के उपरांत स्वर्णिम इतिहास में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपने कार्यों व कार्यकर्ताओं के बल पर अमिट पहचान बनाई है। चुकि विधार्थी परिषद के कार्यकर्ता इतिहास लिखते नहीं बल्कि बनाते हैं। ये तीन दिवसीय बिहार प्रदेश कार्यकारी परिषद की बैठक शिक्षा, रोजगार, स्वस्थ, विधि व्यवस्था, पर्यटन, कृषि, महिला उत्थान जैसे कई विषयों पर चर्चा के माध्यम से इसके क्रियान्वयन में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने की बात कही। इस बैठक से बिहार की दिशा और दशा में परिवर्तन के साथ-साथ एक नए विकास की किरण लेकर आने वाला है।वही महिला सशक्तिकरण एवं महिला स्वावलंबन के लिए मिल का पत्थर साबित होने वाला हैं।

इस बैठक के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ममता कुमारी ने कहा कि विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता ज्ञान, शील व एकता के वाहक होते है और इस मूलमंत्र को लेकर निरंतर व्यक्ति निर्माण ओर व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण, समाज निर्माण से राष्ट्र के पुनर्निर्माण के पथ पर सदैव गतिमान और अग्रसर हैं। वहीं प्रांत संगठन मंत्री डॉ. सुग्रीव कुमार ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों के अंदर देश-भक्ति और समाज सेवा की अलक जगाने वाली संजीवनी है। भारत के स्वाधीनता के उपरांत इस देश में विद्यार्थी परिषद के द्वारा समाज और राष्ट्र के निर्माण में कई सकारात्मक आंदोलन खड़ा कर समाज को एक दिशा देने का कार्य किया। और उसका कई उदाहरण भी आज समाज के सामने प्रस्तुत है, जिसमें कश्मीर से धारा 370 हटाने को लेकर आंदोलन हो, चाहे बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे हो, सीमा सुरक्षा का विषय हो या पूरे देश में शिक्षा की गुणवत्ता कैसे बढ़ाई जाए या फिर पर्यावरण, स्वच्छता हो या आत्मनिर्भरता की बात हो, छात्र कल का नहीं अपितु आज का नागरिक है इसे लेकर मतदान की आयु 21 बर्ष से घटाकर 18 वर्ष सुनिश्चित कराने को लेकर बात हो जैसे विविध क्षेत्रों में मुखरता से छात्रों का एक सकारात्मक आंदोलन खड़ा कर छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है इस भाव को सार्थक किया है। ओर इसी दिशा में लगातार आगे निरंतर प्रयास जारी है।

वहीं प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने कहा कि तीन दिवसीय बैठक में जो दो प्रस्ताव कार्यकारी परिषद बैठक में जो प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सर्वसम्मति से लाए गए है – शिक्षा क्षेत्र में हो गुणात्मक सुधार- हर हाल में खत्म हो भ्रष्टाचार एवं बिहार के विकास का आधार रू उद्योग और पर्यटन का विस्तार वह बिहार में आने वाले दस वर्षों के लिए मिल का पत्थर साबित होंगे ओर शिक्षा में गुणात्मक सुधार व राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में महती भूमिका निभाएगी। वहीं बिहार के लगभग सभी जिले अपनी विशेषताओं के आधार पर रोजगार बढ़ाने व आत्मनिर्भरता के दिशा में पर्यटन, कृषि व सांस्कृतिक धरोहर का विकास कर यह उपलब्धी पाने में सार्थक हो सकता है, बस जरूरत है तो सरकार को इन क्षेत्रों में सही नीति लागू कर बढ़ावा देने का।
इस बैठक में बिहार, झारखंड के क्षेत्रीय संगठन मंत्री निखिल रंजन व सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल, राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. रमण त्रिवेदी सहित कई पदाधिकारी व बिहार के प्रत्येक जिले से आए सभी प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे।

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