पटना, 15 फरवरी। आधुनिक तकनीक ने हमारे जीवन को सुविधापूर्ण बना दिया है लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि मानव जीवन के लिए तकनीक ही सबकुछ नहीं है। वह तो एक साधन मात्र है। तकनीक हमें एक-दूसरे से संपर्क करा सकता है लेकिन संबंध नहीं बना सकता। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर हजारों लोगों से जुड़े रहने के बावजूद व्यक्ति अपने को अकेला महसूस करता है। उक्त बातें गुरुवार को विश्व संवाद केंद्र के नवनिर्मित स्टूडियो के उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी ने कहीं।
उन्होंने एप्पल के संस्थापक स्टीव जाॅब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के जीवन से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि कोई तकनीक पर कितना भी आधिपत्य जमा ले लेकिन अगर उसे मानसिक एवं आध्यात्मिक शांति चाहिए तो उसे भारतीय चिंतन में संभावना नजर आने लगती है। संचार माध्यमों का सदुपयोग सही विमर्श को देश-समाज के बीच पहुंचाने के लिए होना चाहिए। पहले के मुकाबले आज के पत्रकारिता में मूल्यों का अवमूल्यन हुआ है। यह चिंता की बात है।
विश्व संवाद केंद्र के सचिव डाॅ. संजीव चैरसिया ने कहा कि विश्व संवाद केंद्र द्वारा पत्रकारिता एवं संचार के क्षेत्र में विगत दो दशकों से जो प्रयास किये जा रहे हैं उससे उम्मीद है कि पत्रकारिता के गरिमा को बरकरार रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्टूडियो के बन जाने से आॅडियो व्यूजूअल माध्यम में भी संवाद केंद्र विमर्श सुधार का कार्य करेगा।
संवाद केंद्र के न्यासी विमल जैन ने बताया कि सिनेमा, पत्रकारिता, साहित्य से जुड़े बौद्धिक जगत के लोग आज यहां एकत्रित हैं। सब मिलकर एक सार्थक दिशा में पहल करें तो विश्व संवाद केंद्र का प्रयास देशहित में परिणाम दे सकता है।
विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष श्रीप्रकाश नारायण सिंह ने आगत अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि यहां के पत्रकारों और बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों के सहयोग से आज संवाद केंद्र पत्रकारिता में आई गिरावट को रोकने का प्रयास कर रहा है। इस बड़े मुहिम में प्रयासरत हरेक व्यक्ति धन्यवाद का पात्र है। विश्व संवाद केंद्र के संपादक संजीव कुमार ने संवाद केंद्र द्वारा चलाये जा रहे कार्यों व स्टूडियों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि नये लोगों को पत्रकारिता क्रम में प्रशिक्षित करने एवं पत्रकारिता से जुड़े लोगों में आॅडियो व्यूजुअल माध्यम की समझ विकसित करने के उद्देश्य से स्टूडियो का निर्माण किया गया है। आने वाले समय में यहां बिहार की संस्कृति, इतिहास, सामाजिक सरोकार से संबंधित कार्यक्रम तैयार किये जायेंगे और समाज में जागरूकता लाने के उद्देश्य से उनका प्रसार किया जायेगा। कार्यक्रम का मंच संचालन फिल्मकार प्रशांत रंजन ने किया।
इस अवसर पर जाने माने फिल्म विश्लेषक प्रो. जयदेव, राजव्रत सिंह, मो. अफजल इंजीनियर, फिल्मकार रीतेश परमार, अजीत चैधरी, साउंड इंजीनियर शिबू दा, वीडियो एडिटर रवि प्रकाश समेत पत्रकारिता एवं सिनेमा जगत के कई गणमान्य उपस्थित थे।

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