विद्या भारती के आचार्य समर्पित भाव से कार्य करते हैं लेकिन उन्हें और निष्ठा पूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है। आचार्यों में नवीन उत्साह जगाने एवं नई तकनीकों को सिखाने के लिए प्रत्येक वर्ष सत्र के आरंभ में आचार्य कार्यशाला आयोजित किया जाता है। उक्त बातें सरस्वती विद्या मंदिर मुंगेर में आयोजित तीन दिवसीय आचार्य कार्यशाला के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में भारतीय शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव गोपेश कुमार घोष ने कही। उन्होंने कहा कि आचार्यों को अपने विषय एवं विभाग की ऐसी वार्षिक पाठ योजना प्रारंभ में ही तैयार कर लेनी चाहिए जिससे हमारे छात्र सभी जगह सफलता प्राप्त करें एवं विद्यालय भी सर्वश्रेष्ठ बन सके।

द्वितीय सत्र में आचार्यों की बैठक हुई जिसमें पाठ्यक्रम एवं विषय के अच्छे परिणाम के उपायों पर चर्चा की गई। तृतीय सत्र में आचार्य बृज भूषण प्रसाद के द्वारा ज्ञान विज्ञान मेला के आयोजन की व्यवस्थित तैयारियों पर चर्चा की गई। वहीं चौथे सत्र में भारतीय शिक्षा समिति बिहार के सह सचिव प्रकाश चंद्र जायसवाल ने विद्यालय को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए कई बिंदु पर चर्चा किया।

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध भारती शिक्षा समिति बिहार द्वारा निर्देशित त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला के दूसरे दिन का उद्घाटन भारतीय शिक्षा समिति बिहार के प्रदेश सचिव गोपेश कुमार घोष, विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के सचिव अमरनाथ केशरी, प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक, उप प्रधानाचार्य उज्जवल किशोर सिन्हा एवं क्षेत्रीय बालिका शिक्षा संयोजक कृति रश्मि ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य अरुण कुमार के द्वारा किया गया।

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