वन विभाग के अधिकारियों के सानिध्य में छात्र-छात्राओं के सहयोग से राजगीर स्थित पूज्य तपस्वी श्री जगजीवन जी महाराज सरस्वती विद्या मंदिर में वन महोत्सव-वृक्षारोपण कार्य वन विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया. भारतीय वन पदाधिकारी सुश्री सुरुचि सिंह ने कहा कि आज वनों की निरंतर कटाई के कारण पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है जिसके कारण आज ग्लोबल वार्मिंग की स्थिति पैदा हो गई है. पृथ्वी के तापमान में 0.30 दशमलव 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है. सरकार द्वारा वनों को बचाने के लिए पूरे राज्य में 1 अगस्त से 15 अगस्त तक वन महोत्सव मनाया जा रहा है.

अमृतधारी सिंह वन क्षेत्र पदाधिकारी राजगीर एवं राकेश कुमार प्रशिक्षु पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि वन क्षेत्र को बचाने के लिए हमें लोगों में अधिक से अधिक जागरूकता फैलानी होगी. हमें वन महोत्सव जैसे कार्यक्रम को बढ़ावा देना होगा जिससे कि अधिक से अधिक मात्रा में पेड़ लगाए जा सके.

निदेशक संयुक्त सचिव जागृत भानु प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि वनों को बचाने का काम सिर्फ सरकार का ही नहीं यह काम हमारा भी है क्योंकि जब तक हम स्वयं पेड़ नहीं लगाएंगे तब तक वन क्षेत्र नहीं बढ़ सकते. वही विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हमें अपने समाज, गांव एवं आसपास के पड़ोस के सभी लोगों को पेड़ पौधे के लाभ बताने होंगे जिससे कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं.

सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी सुमन कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि पेड़ पौधों से हमें अधिक हमें आक्सीजन मिलती है जो कि प्रत्येक जीव जंतु के लिए बहुत आवश्यक है. पेड़-पौधों कार्बन डाइऑक्साइड जैसे जहरीले गैसों को अवशोषित कर लेती है. वनों के कारण आपातकालीन आपदा सूखे की स्थिति, आंधी तूफान और बाढ़ कम आती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *