भागलपुर, 05 अक्टूबर। शुक्रवार को पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर, नरगाकोठी के प्रांगण में विद्यालय स्तरीय विज्ञान मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन झा ने किया।
डॉ. मधुसूदन झा ने विज्ञान मेला का विधिवत उद्घाटन की और घोषणा करते हुए कहा कि विद्या भारती एक सुव्यवस्थित शिक्षण संस्थान है जहाँ छात्राओं को भिन्न-भिन्न प्रतियोगिताओं के द्वारा ज्ञान अर्जित करने का एक प्लेटफार्म मिल जाता है। विज्ञान मेले की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे बालक के अंदर की छिपी हुई प्रतिभा बाहर आती है। जीवन तथा विज्ञान आज एक दूसरे के पर्याय बन गए है, विज्ञान से मानव को असीमित शक्ति प्राप्त हुई है। विज्ञान पूरी तरह मानव पर निर्भर है इसलिए मानव को सोचना होगा कि इसका उपयोग कब और कैसे किया जाए।

मौके पर मौजूद प्रधानाचार्य अजीत कुमार ने कहा कि प्रकृति के क्रमबद्ध ज्ञान को विज्ञान कहते हैं। विज्ञान वस्तु का एक व्यवस्थित ज्ञान है जो विचार अवलोकन, अध्ययन और प्रयोग से मिलता है।
विज्ञान प्रमुख अंजू रानी ने बताया कि आज का यह विज्ञान मेला छः प्रकार के प्रदर्श एवं दो प्रयोग पर आधारित है। जिसमें वायु के उपयोग, प्राथमिक चिकित्सा, सरल मशीनों का मानव जीवन में उपयोग सहित विज्ञान प्रयोग भी आज के मेले में दिखाया गया। मेले में 250 भैया/बहनों ने कुल 12 प्रदर्श में भाग लिया।

इस अवसर अजीत कुमार, मनोज तिवारी, शशि भूषण मिश्र, अमर ज्योति, संजीव ठाकुर, विक्रम प्रसाद राय, नरेंद्र कुमार, राजेश कुमार, गोपाल प्रसाद सिंह, सुबोध ठाकुर, उपेंद्र कुमार साह, अभिजीत आचार्य, शशिकांत गुप्ता, अंजू रानी, ललिता झा, कविता पाठक, कंचन कुमारी, रेनू कुमारी, सुलेखा देवी, अनीता देवी, मनीष कुमार सहित सभी आचार्य उपस्थित थे।

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