संस्कृत कार्यशाला में भाग लेते सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र

मधेपुरा, 19 जनवरी। सांस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय संस्कृत कार्यशाला का आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर बिहारीगंज में किया गया कार्यशाला का विषय नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा थी कार्यशाला में कुल 280 बच्चों ने भाग लिया संपूर्ण कार्यक्रम चार सत्र में संपन्न हुई

रिसोर्स पर्सन के रूप में आए पुरुषोत्तम मेहता जी ने विषय प्रस्तावना के रूप में नैतिक मूल्यों के महत्व को समझाते हुए उस पर चलने की सलाह दी

कार्यक्रम में मुख्य उद्बोधन माननीय विभाग निरीक्षक फजिन्द्र जी ने नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा पर विस्तार से बताया उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पालन एवं समय पर सभी कार्यों को पूरा करना सबसे बड़ी नैतिकता है उन्होंने बच्चों को महापुरुषों के जीवन पढ़ने के साथ-साथ उनके कर्मों को अपने जीवन में उतारने की सलाह दी

 

द्वितीय एवं तृतीय सत्र में भैया-बहनों के लिए क्रियात्मक सत्र था इस सत्र में पंचम से सप्तम कक्षा के बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई जबकि कक्षा अष्टम से दशम के भैया-बहनों के लिए निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया

चतुर्थ सत्र में बहन बंटी कुमारी, दीपिका कुमारी, भैया अमर कुमार, अवधेश कुमार ने अपने विचार व्यक्त किया इसके बाद शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य श्री दिनेश झा ने भैया बहनों को नैतिक मूल्यों पर चलने की सलाह दी कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य श्री संतोष कुमार झा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया

By nwoow

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