पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगाकोठी में सत्र 2019-20 का आज से प्रारंभ कर किया। नये सत्र के शुभारंभ के अवसर पर अजीत कुमार ने कहा कि संस्कारपूर्ण भारतीय संस्कृति व परिवारभाव से दी जाने वाली शिक्षा से ही समाज व राष्ट्र का कल्याण हो सकता है। किसी भी देश के इतिहास का सही ज्ञान शिक्षक ही करा सकते हैं। इस दृष्टि से शिक्षक राष्ट्र की संस्कृति के चतुर माली की तरह है। शिक्षा हमारी संस्कृति के अनुरूप हो तभी देश सुदृढ, स्वस्थ, और सबल बनेगा।

शशि भूषण मिश्र ने कहा कि शिक्षा का प्रारंभिक कार्य है मनुष्य को विवेक संपन्न करना। छात्रों को नई उर्जा शक्ति के साथ नए कक्षा में प्रवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि आदर्श विद्यार्थी को सत्यनिष्ठ, दूरदर्शी, ऊर्जावान, फुर्तीला,और कुशल व्यवहार का होना  चाहिए।

इस अवसर पर अजीत कुमार, मनोज तिवारी, शशिभूषण मिश्र, अमर ज्योति, नरेन्द्र कुमार, उपेन्द्र कुमार, संजीव ठाकुर, सुबोध ठाकुर, अभिजित आचार्य, शशिकांत गुप्ता, गोपाल सिंह, कविता पाठक, ललिता झा, रेणु कुमारी एवं समस्त आचार्य एवं छात्र-छात्राओं उपस्थित थे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.