गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर एवं पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगाकोठी में आज से त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला की शुरुआत हो गई है। कार्यशाला का उद्घाटन क्षेत्रीय सचिव दिलीप कुमार झा, विभाग प्रमुख बजरंगी प्रसाद, अध्यक्ष डॉ चन्द्र भूषण सिंह, प्रधानाचार्य रामजी प्रसाद सिन्हा, अजीत कुमार एवं  उप प्रधानाचार्य अशोक मिश्र ने संयुक्त रूप से किया।

दिलीप कुमार झा ने कहा कि अपना विद्यालय प्रभावी बने कार्यकर्ता के नाते हमें इसका ध्यान रखना है। विद्यालय में छात्र-छात्राओं को जीवन जीने की कला सिखानी है जो भारतीय मूल्यों पर आधारित हो। विद्या भारती के शैक्षणिक उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास अत्यावश्यक है ।

वही बजरंगी प्रसाद ने कहा कि शिक्षा में नए प्रयोगों का केंद्र बिंदु सरस्वती विद्या मंदिर रहा है। मानक के आधार पर कार्य पूर्ण करने के साथ साथ वार्षिक उपलब्धि की चर्चा करना आवश्यक है।

कार्यशाला में डॉ चन्द्र भूषण सिंह, रामजी प्रसाद सिन्हा ने भी अपनी बातों को को आचार्यों के सामने रखा. आज का कार्यक्रम पाँच सत्रों में सम्पन्न हुआ जिसमें वन्दना, कार्यशाला की उपादेयता, आचार्य भारती, परीक्षा परिणाम एवं वार्षिक कार्य योजना पर विस्तृत रूप से प्रांत, विभाग, एवं विद्यालय स्तर पर चर्चा की गयी। मंच संचालन सुशील कुमार द्वारा किया गया ।

इस अवसर पर शेखर झा, डॉ संजीव झा, दीपक झा,अभिमन्यु कुमार, अनिल मिश्र, मनोज तिवारी, शशिभूषण मिश्र, डॉ संजीव ठाकुर, अमित कुमार, अमर ज्योति, राजेश कुमार, अजय कुमार, लिली,सोनी ,ज्योति कुमारी, सविता कुमारी अंजू रानी, कविता पाठक एवं शिशु मंदिर/विद्या मंदिर के सभी आचार्य उपस्थित थे ।

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