मुंगेर, 31 जुलाई। शिक्षा एवं ज्ञान सर्वोंपरि है। ज्ञान का स्थानांतरण ही शिक्षा है। शिक्षा जीवन की प्रथम आवष्यकता एवं संस्कार की सतत प्रक्रिया है। संस्कार एक दिन में नहीं आते, संस्कार को जीवन में उतारना है तो शिक्षा अनिवार्य है। यह मनुष्य के जीवन को परिष्कृत कर इसका परिमार्जन करती है। ज्ञान सर्वोपरि है। इसके बिना जीवन का परिमार्जन संभव नहीं है। उक्त बातें वरिष्ठ माध्यमिक सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर के सभागार में भारती शिक्षा समिति, बिहार द्वारा आयोजित विभाग स्तरीय समिति पदाधिकारी प्रबोधन वर्ग को संबोधित करते प्रदेश सचिव अमरनाथ प्रसाद ने कही। आगे उन्होने कहा कि विद्यालय प्रबंधन विद्यालय के अभिभावक हैं। प्रबंधन विद्यालयी कार्य को गति देने एवं अवरोध दूर करने के लिए होता है। प्रबंधन से जुड़े लोग अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर विद्यालय, समाज और आचार्य विकास का काम करते हैं। न्यूनताओं को कम करना प्रबंधन का कार्य है। विद्यालय प्रबंधन यह प्रयास करती है कि विद्यालय सुसंस्कृत, सुविचारित चले एवं आचार्य तथा छात्र खोजी प्रवृत्ति के बने, नये-नये प्रयोग एवं क्रिया आधारित शोध करें।
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए भारती शिक्षा समिति, बिहार के सहसचिव सह मुंगेर विभाग प्रमुख प्रकाश चन्द्र जायसवाल ने छात्रों में राष्ट्रबोध, संस्कृति बोध, अध्यात्म बोध एवं समाज बोध कराने की बात कही। आगे उन्होनें कहा कि विद्यालय की पूरी व्यवस्था को चलाने में समिति, आचार्य, प्रधानाचार्य, अभिभावक एवं समाज के विद्वतजनों की भूमिका सर्वोपरि होती है। उन्होनें प्रत्येक जिला केन्द्र पर प्रभावी विद्यालय, आदर्ष विद्यालय, प्रभावी षिषु वाटिका, सेवा कार्यकत्र्ता टोली निर्माण पर विषेष प्रकाष डाला। संख्यात्मक विवरण देते हुए उन्होने बताया कि मुंगेर विभाग के शिशु/विद्या मंदिरों में कुल 12250 भैया/बहन अध्ययनरत हैं एंव 552 आचार्य कार्यरत हैं। विभिन्न सामाजिक कार्यों में भी विद्यालय की भूमिका को सुनिश्चित करने पर बल दिया और कहा कि जल संरक्षण, उर्जा संरक्षण, स्वच्छता, पाॅलिथीन का बहिष्कार, सेवा कार्य के अन्तर्गत विभिन्न संस्कार केन्द्रों जिनकी संख्या 135 है की विस्तार से चर्चा की गई। मुंगेर विभाग में सी0 बी0 एस0 ई0 से मान्यता प्राप्त विद्या भारती के कुल 02 विद्यालय हैं। इन विद्यालयों की तीन वर्षों की विषेष कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरूआात भारती शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव अमरनाथ प्रसाद, सहसचिव प्रकाष चन्द्र जायसवाल, आर0 एण्ड डी0 जे0 कॉलेज के पूर्व प्राचार्य वीरेन्द्र पोद्दार, सरस्वती विद्या मंदिर मुंगेर के अध्यक्ष निर्मल कुमार जालान एवं विद्यालय के प्राचार्य नीरज कुमार कौषिक के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर के अध्यक्ष निर्मल कुमार जालान ने कहा कि विद्या भारती का विद्यालय समाज का विद्यालय माना जाता है जिसमें विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति का निर्माण समाज के लोगों से किया जाता है।

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