श्याम जी कृष्ण वर्मा (4 अक्टूबर 1857-31 मार्च 1990)
पटना, 4 अक्टूबर। श्याम जी कृष्ण वर्मा एक स्वतंत्रता सेनानी, लेखक, वकील और पत्रकार थे। इनका जन्म 4 अक्टूबर, 1857 को गुजरात के मांडवी गांव में हुआ था। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विल्सन हाई स्कूल मुम्बई से पूरी की। उसके बाद स्नातक की उपाधि के लिए वे ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में चले गए। श्याम जी कृष्ण वर्मा पहले भारतीय थे जिन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से बी.ए. की डिग्री सबसे पहले 1883 में प्राप्त की। डिग्री पूरा करने के बाद विदेशों में रह कर इन्होंने अंग्रेजी राज को खत्म करने के लिए भारतीय नवयुवको को एकजुट करने का काम किया एवं क्रांतिकारियों को संगठित करने का सबसे पहले कार्य इन्होंने ही किया।
आर्य समाज के संस्थापक महर्षी दयानंद सरस्वती द्वारा देशभक्ति की शिक्षा ग्रहण की। 1885 में संस्कृत की उच्च शिक्षा लेने के बाद एवं बैरिस्टरी की परीक्षा पास करने के बाद इनका आगमन भारत मे हुआ।

1888 में अजमेर में वकालत के दौरान इन्होंने स्वराज के लिए काम किया। दीवान के पद पर रह कर मध्य प्रदेश के रतलाम एवं गुजरात के जूनागढ़ में काम किया। फिर 1897 में वे इंग्लैंड गए। यहाँ उन्होंने इंडिया हाउस की स्थापना की। 1905 में उन्होंने क्रांतिकारी छात्रों के साथ इंडियन होमरूल सोसाइटी की स्थापना की। उसी वर्ष 1905 में लॉड कर्जन की अत्याचार के विरुद्ध में संघर्ष करते हुए इंग्लैंड की मासिक पत्रिका “दी इंडियन सोसियोलॉजिस्ट” प्रकाशित कर अंग्रेजों के दांत खेटे कर दिए। सन् 1918 में बर्लिन एवं इंग्लैंड में हुए विद्या सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किये।
उसके बाद ये स्वीटजरलैंड की राजधानी जेनेवा गए। पुणे में हुए एक आयोजन में इनके भाषण से प्रभावित होकर इन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में संस्कृत के सहायक विभागाध्यक्ष बनाए गए। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ इन्होंने बहुत प्रयास किये। इनके पत्नी का नाम भानुमति कृष्ण वर्मा था। इनकी मृत्यु 31 मार्च 1930 को स्वीटजरलैंड की राजधानी जेनेवा में हो गयी।
अभिषेक कुमार

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