जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की राजस्थान क्षेत्र की बैठक रविवार प्रातः 9 बजे भारत माता के चित्र पर पुष्पाजंलि एवं दीपप्रज्वलन के साथ अम्बाबाड़ी स्थित स्वस्तिक भवन में प्रारंभ हुई। प्रति वर्ष दीपावली पर संघ की कार्यकारी मंडल की अखिल भारतीय बैठक होती है। जिसमें लगभग 400 कार्यकर्ता अपेक्षित रहते हैं, परंतु इस बार देशभर में कोरोना की विशेष परिस्थिति के कारण से बैठक का आयोजन एक स्थान की बजाय अलग-अलग स्थानों पर हो रहा है, प्रत्येक स्थान पर 30 से 40 तक कार्यकर्ता शासकीय दिशा निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य सम्बन्धी अनुशासन को ध्यान रखकर बैठक में उपस्थित हैं। इस बैठक में देश भर में कोरोना काल में हुए सेवा कार्यों की समीक्षा, आगामी दिनों में सेवा-स्वावलम्बन व परामर्श कार्यों की दिशा एवं अनलॉक के बाद शाखाओं के मैदान पर आने की प्रक्रिया में शासकीय गाइडलाइन के अनुसार प्रांतो की तैयारी हो, इस पर विचार विमर्श किया गया। इस बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत व सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी समेत चार सहसरकार्यवाह भी उपस्थित हैं। कार्यकारी मंडल की बैठक में पर्यावरण एवं परिवार प्रबोधन की गतिविधियों के राजस्थान में कार्य व प्रयोगों पर बातचीत हुई। इसके साथ ही आगामी योजनाओं के बारे में भी चर्चा की गई। बैठक में उत्तर-पश्चिम क्षेत्र एवं तीनों प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह व प्रांत प्रचारक उपस्थित हैं।
सरसंघचालक ने दी पूर्णाहुति
वहीं अम्बाबाड़ी में स्वस्तिक भवन के निर्माण के पश्चात सरसंघचालक व सरकार्यवाह के प्रथम बार आगमन व अहोई अष्टमी पर रविवार प्रातः 8 बजे आयोजित हवन में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी व मुख्य यजमान क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश ने पूर्णाहुति दी। पंडित मोहित ने मंत्रोचार के साथ पूर्णाहुति दिलवाई।
प्रदर्शनी लगाई
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में गौमय दीपकों की प्रदर्शनी, सेवा भारती द्वारा बनाई गई स्वदेशी निर्मित झालरें व पर्यावरण गतिविधि की रसोई बगिया की प्रदर्शनी लगाई गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published.