बिहार, 16 अक्टूबर। सबरीमाला पर मा. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को लेकर जनआक्रोश निरंतर बढ़ता जा रहा है। विशेषकर केरल सरकार के खिलाफ, केरल सरकार ने जिस प्रकार जनभावनाओं को दरकिनार किया है उसके कारण केरल से दिल्ली तक भक्तों का रोष बढ़ता जा रहा है। न्यायालय ने जिनके हक में अर्थात् महिलाओं के पक्ष में निर्णय दिया है, वे महिलाएं ही इतनी संख्या में सड़कों पर उतर आएंगी, ऐसी अपेक्षा शायद किसी को नहीं थी। केरल से दिल्ली तक धरना प्रदर्शन, रैली, में महिलाएं सबसे आगे हैं।

Save Sabrimala, नाम जप यात्रा के तहत लोग अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। केरल से उठा जन आक्रोश का ज्वार विभिन्न प्रांतों से होता हुआ दिल्ली पहुंच गया है। 07 अक्तूबर को दिल्ली में सांकेतिक प्रदर्शन के पश्चात रविवार को हजारों की संख्या में दिल्ली के जंतर मंतर पर स्वामी अय्यप्पा भक्तों ने केरल सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।
स्वामी अय्यप्पा भक्तों का आरोप है कि केरल सरकार ने जनभावनाओं का ध्यान नहीं रखा। इसी कारण सदियों से चली आ रही परंपरा को लेकर केरल सरकार ने न्यायालय में भी पक्ष सही ढंग से नहीं रखा तथा न्यायालय के निर्णय के पश्चात भी भक्तों की भावनाओं को दरकिनार कर दिया गया और निर्णय को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर करने के स्थान पर निर्णय को लागू करने में जल्दबाजी की। स्वामी अय्यप्पा के भक्तों की मांग है कि केरल सरकार जनभावनाओं को ध्यान में ऱखते हुए सर्वोच्च न्यायालय में जल्द से जल्द पुनर्विचार याचिका दायर करे।

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