राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेश चंद्र जी ने कहा कि देश व समाज के सामने जब भी बड़े सामाजिक संकट आए, उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने तन, मन, धन से देश व समाज को संकट से उबारने का प्रयास किया. चाहे युद्ध का समय रहा हो या आपातकाल का समय रहा हो, देश में संकट के समय कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया है. संघ के कार्यकर्ता स्थापनाकाल से ही जन जागरण का कार्य करते आ रहे हैं. सुरेश जी डॉ. राममनोहर लोहिया महाविद्यालय, अल्लीपुर में अवध प्रांत के 20 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के समापन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मान्यता है कि देश में लोकतन्त्र की मजबूती एवं सर्वधर्म समभाव तब तक है, जब तब देश हिन्दू बाहुल्य है. समाज के सभी वर्ग आपस में मिल-जुलकर एकजुट रहें, यह देश के विकास के लिए बहुत जरूरी है. संघ को अगर द्वेश है तो राष्ट्रविरोधी शक्तियों व उनके द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों से है. आतंकवाद को संरक्षण देना राष्ट्रद्रोह है, देशद्रोही को समर्थन देना भी राष्ट्रद्रोह है. उन्होंने कहा कि संघ मतांतरण का विरोधी है. दुःखी की सेवा करने का अधिकार सबको है, परन्तु सेवा के नाम पर मत परिवर्तन करवाना बहुत बड़ा पाप है.

उन्होंने समाज से आग्रह किया कि जो शक्तियाँ राष्ट्र को गुलाम बनाने के लिए वर्षों से प्रयास कर रही हैं. वह आज विश्व में हिन्दुत्व की शक्ति को देखकर बहुत उद्वेलित हैं. हम सबको यह ध्यान रखने की आवश्यकता है कि हिन्दू समाज को तोड़ने का उनका षड्यंत्र कहीं भी सफल न हो पाए. गांव-गांव में हिन्दू समाज को जागृत करके सम्पूर्ण समाज को एक रखने का दायित्व भी हम सबका है. उसके बाद आप देखेंगे कि समाज को तोड़ने वाली राष्ट्रद्रोही शक्तियां क्षीण हो जाएंगी.

कार्यक्रम के अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायलय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश डॉ. देवेन्द्र कुमार अरोड़ा जी ने की. मंच पर प्रान्त संघचालक प्रभु नारायण जी, वर्गाधिकारी कृष्ण मोहन जी भी उपस्थित रहे. प्रशिक्षण वर्ग में प्रांत के विभिन्न भागों के 375 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया.

Leave a Reply

Your email address will not be published.