पटना (विसंके)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शाखाओं की संख्या कोरोना काल की समाप्ति के बाद बिहार में बढ़ने लगी हैं। 2021 में 1033 स्थान पर 1405 संघ की शाखाएं लगती थी। वहीं इस वर्ष इन शाखाओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 2022 में 1075 स्थानों पर 1476 शाखाएं लग रही है। यह जानकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि 16 से 19 अक्तूबर तक प्रयागराज में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आयोजित की गई थी। प्रतिवर्ष दीपावली के समय कार्यकारी मंडल की बैठक होती है। इस वर्ष यह बैठक प्रयागराज में थी। गत वर्ष धारवाड़ (कर्नाटक) में आयोजित की गई थी। वर्ष में तीन अखिल भारतीय बैठकें होती हैं। जिसमें संघ के कार्यों की समीक्षा की जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि बिहार में न सिर्फ संघ की दैनिक शाखाओं में बढ़ोतरी हुई है बल्कि साप्ताहिक मिलन और संघ मंडली में भी वृद्धि हुई है। गत वर्ष 533 साप्ताहिक मिलन और 97 संघ मंडली लगती थी। वहीं अब बिहार में 545 साप्ताहिक मिलन और 168 संघ मंडली लग रही है।
बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर भी चर्चा हुई। विक्रम संवत् 2082 (तदनुसार ई.संवत् 2025) के निमित्त संघ एक व्यापक योजना बना रहा है। बिहार में भी सभी बस्तियों में संघ की गतिविधि प्रारंभ हो, इसके लिए विशेष प्रयास हो रहा है। माननीय क्षेत्र कार्यवाह ने बताया कि प्रत्येक 15-20 वर्षों पर संघ के कार्य प्रणाली के बारे में चिंतन बैठक आयोजित किया जाता है। संघ के संस्थापक परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की उपस्थिति में 1938 में सिंदी में प्रथम चिंतन बैठक हुआ था। उस समय से यह परंपरा जारी है। 2022-23 के सत्र में भी क्षेत्र सी चिंतन बैठक हो रही है। अप्रैल में हरिद्वार में यह बैठक की गई थी। उसके बाद सभी क्षेत्रों में यह चिंतन बैठक हुई है। चिंतन बैठक के निष्कर्ष पर संघ में बदलाव होते हैं। इसके पहले 2005 एवं 1989 में चिंतन बैठक हुआ था।

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