राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समझना है तो डॉ. हेगवार जी के जीवन को समझना होगा। संघ में व्यक्ति आदर्श नहीं है, भगवाध्वज आदर्श है। संघ का अपना चिंतन है, व्यवस्था बदलने से काम नहीं चलेगा, व्यक्ति का आचरण बदलना पड़ेगा। उक्त बाते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ने नई दिल्ली मेंThe RSS Roadmap for 21st Century” नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान कही । उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में स्वयंसेवकों को सोचने की स्वतंत्रता है। सभी स्वयंसेवकों को किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि संघ में सामूहिक फैसला लिया जाता है। यदि समस्याएं हैं तो उसकी व्यवस्था है, चिंतन से समाधान निकल सकता है। मूल बात व्यक्ति को बदलने की है। संघ चाहता है पूरा समाज संगठित हो, साथ ही विभिन्न प्रकार की सामाजिक समस्याओं का समाधान करना ही संघ का उद्देश्य है।

आपको बताते चले कि The RSS Roadmap for 21st Century” नामक पुस्तक के लेखक श्री सुनील अम्बेकर जी है जो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के राष्ट्रीय संघठन मंत्री है. इस पुस्तक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यप्रणाली, भावी योजना और 21वीं सदी के ज्वलंत मुद्दों को लेकर उसकी सोच, भविष्य को लेकर योजनाएं, भारतीय परंपरा और आधुनिक विचारों के बीच होने वाले हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना, अल्पसंख्यकों को लेकर नजरिया और अन्य मुद्दों को लेकर संघ की राय वर्णित की गई है.

 

पुस्तक प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करे

Leave a Reply

Your email address will not be published.