रविवार को क्षेत्रीय शोध परिषद् बैठक उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव दिलीप कुमार झा की अध्यक्षता में पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय नरगाकोठी के प्राचार्य एवं क्षेत्रीय शोध प्रमुख  अजीत कुमार पाण्डेय द्वारा ऑनलाइन सम्पन्न हुई । बैठक में उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार एवं झारखंड के शोध परिषद् के सदस्यों ने भाग लिया ।

दिलीप कुमार झा ने कहा कि हम सब कठिन परिस्थितियों में ऑनलाइन बैठक कर रहे हैं जो आज की बाध्यता हो गयी है। इस कठिन चुनौती में अवसर आया है कि तकनीकी पर पूरी तरह निर्भर होकर आगे बढें। अभी की परिस्थिति में जीवन सामान्य होना कठिन है। इसमें जीवन कैसे चलेगी इसके लिए आत्मबल बढाना है, धैर्यता बढाना है। समाज का प्रबोधन करने के साथ साथ अपने आप का प्रबोधन करने की जरूरत है। कोरोना बचाव के बिन्दुओं की समझ हमारे अन्दर विकसित करना है तथा बच्चे और समाज को भी इस पर जगाने की आवश्यकता है। विद्यालय समूह का स्थान है इसे खुलने पर हमारी भूमिका बढ जाएगी ।इसके लिए सरकार द्वारा भी एडवाइजरी जारी की जाएगी। समाज को विश्वास दिलाना होगा कि विद्या भारती द्वारा संचालित विद्यालय, महाविद्यालय कोरोना (covid-19) से कितना सुरक्षित है। अब विद्यालय में शिक्षा के साथ साथ स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देनी होगी। प्रधानाचार्य, आचार्य एवं कर्मचारियों की सक्रियता समान रूप से बढ जाएगी । हमें लोकल ब्रांड के उपयोग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है स्वदेशी वस्तुओं का चयन कर समाज में प्रचार करने की जरूरत है ।

विद्या भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्षा रमा मिश्रा ने कहा कि व्यापक और सम्यक् प्रकार से शोध की बात सामने आई है। तीनों प्रांत में क्रिया आधारित शोध कार्य चल रहा है जो अच्छी बात है। शिक्षक, बच्चे, अभिभावकों के सामने जो चुनौती आयी है इस पर विद्या भारती खरी उतरी है क्योंकि विद्या भारती पहले से ही शिक्षा, संस्कार और सेवा के प्रति कार्य कर रही है। प्रशिक्षण में नयी विधियों को प्रयोग में लाना है जिससे बालक नयापन के साथ आकर्षित होकर शिक्षा ग्रहण करे। विषय विशेषज्ञों के साथ कार्ययोजना बनानी है।

विद्या भारती शोध के राष्ट्रीय संयोजक डॉ दीप्तांशु भास्कर ने कहा कि परिस्थिति के अनुरूप क्रिया का आकलन करने पर पता चलता है कि कार्य सकारात्मक है या नहीं। गाँव, नगर, देश में शिक्षण प्रक्रिया, सामाजिक जीवन शैली, आर्थिक परिस्थिति और उद्योग धंधे में परिवर्तन दिखा है। स्वतः पर्यावरण प्रदूषण की प्रक्रिया सकारात्मक दीख पडी है। जीवन जीने, शिक्षण, शादी विवाह आदि अनेक कार्यों में परिवर्तन होने वाला है ।परिवर्तन के परिणाम को कितने सही दिशा में ले जा सकते हैं इस पर आज का परिवर्तन निर्भर करेगा। सेवा कार्य आज बढ़ चढ़ कर कर रहे हैं यह सकारात्मक कार्य है। सेवा, संस्कृति ,संस्कार और शिक्षा का कार्य ही विद्या भारती कार्य है और लक्ष्य भी।

क्षेत्रीय शोध प्रमुख डॉ. अजीत कुमार पाण्डेय ने कहा कि वैश्विक महामारी को ध्यान में रखते हुए बैठक रखी गई थी जिसका उद्देश्य था अभी की समस्याओं का समाधान निकालकर आने वाले समय में विद्या भारती के विद्यालय में कार्यकर्ताओं को समाधान हेतु प्रस्तुत किया जाए। ऑनलाइन शिक्षा की समस्याओं पर एक्सन रिसर्च कर समितियों को देना है तथा सभी विद्यालयों को अवगत कराना है।

आज ऑनलाइन बैठक का संचालन भरती शिक्षा समिति, पटना के विभाग प्रमुख वीरेन्द्र कुमार द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन राँची बीएड महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ  रामकेश पांडे द्वारा किया गया ।बैठक में क्षेत्रीय शोध परिषद् के 37 सदस्य उपस्थित हुए।

इस अवसर पर भारती शिक्षा समिति के प्रदेश सह सचिव प्रकाश चन्द्र जायसवाल ,उत्तर बिहार के प्रदेश सह सचिव अजय कुमार तिवारी, अमरकांत झा, नवीन मिश्र, शशि शेखर दुबे एवं भागलपुर विभाग के मीडिया प्रभारी शशि भूषण मिश्र ऑनलाइन बैठक में उपस्थित थे।

 

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