भारतीय जनमानस को मीडिया पर अटूट भरोसा व विश्वास है। इस नाते पत्रकारों का दायित्व बनता है कि  कोई ऐसी चीजें प्रसारित न करें, जिससे समाज का अहित हो या उनका मनोबल गिरे।

शुक्रवार को यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख आलोक कुमार ने कही। वह आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर विश्व संवाद केन्द्र अवध (लखनऊ) द्वारा आयोजित “आपदा में संवाद” विषयक वेबिनार को संबांधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जी हर समय लोक कल्याण व लोकमंगल की भाव से काम करते थे। उनका निजी स्वार्थ किनारे होता था। वर्तमान समय में उन्हें स्मरण करते हुए पत्रकारिता करनी की जरूरत है, ताकि नागरिकों का मनोबल हर परिस्थितियों में मजबूत बना रहे।

आलोक जी ने कहा कि महामारियां कब पीछा छोड़ेंगी, कुछ नहीं कहा जा सकता है। कोरोना महामारी की थर्ड वेव आने वाली है। पहली वेव में सभी ने अनुशासन का पालन किया। लेकिन सेकेंड वेव में सभी ने कोताही बरती। सरकारों ने भी लापरवाही की। मुकाबला सही से नहीं कर पाए। इसका खामियाजा सभी को झेलना पड़ा। सभी ने अपने को खोया।

साथ ही आलोक जी ने कहा कि इस महामारी ने सभी को बड़ी अजीब स्थिति में खड़ा कर दिया है।  प्रकृति ने बहुत बड़ा झटका दिया है। यह महमारी पहली है, ऐसा नहीं है। लेकिन इस पीढ़ी के लिए यह पहली महमारी है। इस पृथ्वी ने ऐसी महामारियां बहुत देखी है। यह महामारी अंतिम है, ऐसा भी नहीं है। मानव को इन सभी से संघर्ष करना है। थर्ड वेव से बचाव की तैयारी अच्छी होनी चाहिए। वहीं, जैविक युद्ध के खिलाफ भी तैयारी रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हॉलीवुड फिल्मों में भविष्य की घटनाओं की आहट है।

महर्षि नारद की पत्रकारिता मूल्य पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उदंत मार्तंड 1826 में प्रकाशित हुआ। यहीं से भारत में आधुनिक पत्रकारिता की शुरुआत हुई। उसमें नारद जी का चित्र था। नारद जी की पत्रकारिता में लोकमंगल की भावना है। उनका प्रत्येक से संवाद है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र की परंपरा हमारे यहां नहीं थी। यहां सन्यासी, जोगी, भाट, प्रवचन आदि ही सामाचारों का संप्रेषण करते थे। जहां-जहां विचरण करते थे, समाचार ले जाते थे।

आपदा काल में दूसरों के संकट को अपने कंधों पर ले रहा है आरएसएस

अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ स्तंभकार नरेंद्र भदौरिया ने कहा कि आरएसएस गंभीरता से आपदा काल में सेवा कार्य में जुटा हुआ है। दूसरों के संकट को अपने कंधों पर ले लिया है। इस अवसर पर सैकड़ों पत्रकारों सहित अन्य लोग जुड़े।

कार्यक्रम में संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर जी, क्षेत्र प्रचार प्रमुख नरेंद्र सिंह, विश्व संवाद के सचिव अशोक सिन्हा, सह प्रान्त प्रचार प्रमुख दिवाकर अवस्थी आदि लोग कार्यक्रम में जुड़े। कार्यक्रम का संचालन अवध प्रान्त के प्रचार प्रमुख डा. अशोक दूबे जी ने किया।

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