बैठक को संबोधित करते आरएसएस के पदाधिकारी
पटना, 13 मार्च। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य में निरंतर वृद्धि हो रही है। वर्ष 2011 की तुलना में 2018 में लगभग 37 प्रतिशत शाखाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके अलावा साप्ताहिक मिलन एवं संघ मासिक मंडली भी कई स्थानों पर सुचारू रूप से चल रही है और इस प्रकार देश भर में 83 हजार 348 स्थानों पर संघ की गतिविधियां चल रही है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष 2017 में भी 7 दिवसीय प्राथमिक शिक्षा वर्ग का आयोजन हुआ। इस वर्ष 1180 स्थानों पर उपरोक्त वर्ग संपन्न हुए जिसमें 95 हजार 318 कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। साथ ही गत वर्ष संपन्न संघ शिक्षा वर्ग-प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष में शिक्षणार्थियों की संख्या 24 हजार रही। ‘ज्वाइन आरएसएस’ के तहत वर्ष 2013 में जहां 25 हजार आॅनलाईन आवेदन आये थे, वहीं इस वर्ष (2017) में 1 लाख 25 हजार से अधिक नागरिकों ने आॅनलाईन आवेदन भेजा। पूरे देश में लगभग 1 लाख 74 हजार 519 सेवा कार्य चल रहे हैं। यह जानकारी विश्व संवाद केंद्र में आज संपन्न पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के क्षेत्र कार्यवाह डाॅ. मोहन सिंह एवं दक्षिण बिहार के सह प्रांत संघचालक राजकुमार सिन्हा ने दी। दोनों वार्ताकारों ने बताया कि गत 10 वर्षों से सामाजिक समरसता, सामाजिक सद्भाव, महाविद्यालयीन छात्रों के बीच निरंतर संपर्क, ‘ज्वाइन आरएसएस’ अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क, लक्षाधिक सेवा कार्यों एवं अन्यान्य सामाजिक गतिविधियों के कारण संघ कार्य की वृद्धि निरंतर हो रही है।
बैठक में पारित प्रस्ताव के बारे में वार्ताकारों ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्द्धन की नितांत आवश्यकता है। इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पारित हुआ जिसमें अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का यह मानना था कि देश के विविध भाषाओं एवं बोलियों के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए सरकारों, अन्य नीति निर्धारकों और स्वैक्षिक संगठनों सहित समस्त समाज को सभी संभव प्रयास करने चाहिए। प्रतिनिधि सभा ने संपूर्ण समाज से आह्वान किया कि दैनंदिनी जीवन में भारतीय भाषाओं के उपयोग एवं उनके व्याकरण, शब्द चयन और लिपि में परिशुद्धता सुनिश्चित करते हुए उनके संवर्द्धन का हर संभव प्रयास करना चाहिए।
नागपुर में 11 मार्च को संपन्न अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बारे में जानकारी देते हुए इन्होंने बताया कि गत वर्ष संघ के लिए चुनाव वर्ष था। प्रतिनिधि सभा की बैठक में अगले तीन वर्षों के लिए सुरेश राव जोशी उपाख्य भैय्या जी जोशी को पुनः सरकार्यवाह के रूप में चुना गया। बैठक के आखिरी दिन उन्होंने अखिल भारतीय अधिकारियों के नामों की घोषणा भी की। चार के स्थान पर अब छः सह सरकार्यवाह चुने गये। मनमोहन वैद्य एवं मुकुंद जी नवनियुक्त सरकार्यवाह बनाये गये। अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व श्री अरूण कुमार जी को दिया गया है। जम्मू कश्मीर के प्रांत प्रचारक रमेश पप्पा जी को, अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख का दायित्व दिया गया है। दक्षिण बिहार के प्रांत प्रचारक रामनवमी जी को उत्तर-पूर्व क्षेत्र का सह क्षेत्र प्रचारक तथा राणा प्रताप सिंह को दक्षिण बिहार के प्रांत प्रचारक का दायित्व सौंपा गया है।
डाॅ. मोहन सिंह ने बताया कि राजकीय प्रांत बिहार में कुल 1563 शाखा, 242 साप्ताहिक मिलन और 137 मंडली समेत कुल 1942 स्थानों पर संघ का कार्य चल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.