पटना, 29 जनवरी। देश की राजनीति में दशकों तक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जॉर्ज फर्नांडीस हमारे बीच नहीं रहे। आपातकाल का प्रखर विरोध हो, पोखरण में परमाणु विस्फोट हो अथवा करगिल युद्ध हो साहसिक निर्णय लेना और कुशलता के साथ उन्हें निर्णायक परिणति तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उक्त बाते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने कहा।
लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता के साथ-साथ सभी विचारधारा के लोगों के साथ उनका समन्वय और स्वीकार्यता थी। लगभग एक दशक की लंबी बीमारी के बाद मंगलवार प्रातः उन्होंने अंतिम सांस ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनके निधन को भारतीय राजनीति के लिये एक अपूर्णीय क्षति मानता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.