पटना, 18, फरवरी। 14 फरवरी को कश्मीर घाटी के पुलवामा में सुरक्षा बलों पर हुए आत्मघाती हमले में 45 से अधिक वीर सुरक्षाबलों का बलिदान हुआ है। पूरा देश इससे व्यथित है। यह अप्रत्यक्ष युद्ध जैसी स्थिति है जिसमें देश के किसी न किसी भाग में प्रतिदिन सुरक्षा बल बलिदान दे रहे हैं ताकि हम शांति से रह सकें। उक्त बाते राष्ट्रीय स्वमंसेवक संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कही। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा में अपने जीवन न्यौछावर करने वाले बलिदानियों के परिजनों की पीड़ा में हम सभी उनके साथ हैं। उन्होंने देश के लिये जीवन दिया है और देश का यह दायित्व है कि उनके वृद्ध माता-पिता और पत्नी-बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और जीवन निर्वाह के लिये चिन्ता करे।
भारत सरकार द्वारा सुरक्षा बलों के परिवारों की सहायता के लिये की गयी पहल “भारत के वीर” ऐप अथवा वेबसाइट के माध्यम से हम उन बलिदानियों के परिवार तक व्यक्तिगत रूप से सहायता राशि पहुंचा सकते हैं। इस पर एक से अधिक परिवारों तक सहायता पहुंचाने तथा “भारत के वीर” स्थायी निधि में योगदान के विकल्प उपलब्ध हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को आगे आने के लिया दिया निर्देश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता ऐसे अवसरों पर सदैव अपने दायित्व की पूर्ति के लिये आगे आये हैं। ऐसा ही अवसर हमारे सामने आज उपस्थित हुआ है। संघ सभी स्वयंसेवकों सहित समस्त देशभक्त समाज से आह्वान करता है कि वे अपना कर्तव्य मान कर यथासंभव सहयोग करें और इसके साथ ही इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में एकजुटता, धैर्य एवं संयम का परिचय दें।

योगदान सीधा गृह मंत्रालय द्वारा संचालित “भारत के वीर” ऐप के माध्यम से अथवा Indian brave hearts website पर दिया जा सकता है।

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