पटना, 4 दिसंबर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता व पटना विश्वविद्यालय के सिनेट सदस्य पप्पू वर्मा ने बयान जारी कर कहा है कि पटना विश्वविद्यालय में प्रशांत किशोर के आने की भूमिका का जांच हो। आखिर छात्रसंघ चुनाव के ठीक एक दिन पहले पटना विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति के साथ जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किस मकसद से रात के अंधेरे में मिलते हैं। जहाँ एक ओर छात्रसंघ चुनाव के दौरान अचार संहिता लागू है ओर वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि विशवविद्यालय के कैम्पसों में घुम-घुम कर व मिटिंग के माध्यम से छात्र समुदाय को धनबल, प्रशासनिक भय का माहौल बनाकर यह छात्रसंघ चुनाव जितने का प्रयास किया जा रहा है। कहीं न कहीं इस चुनाव में सिर्फ सत्ताधारी प्रतिनिधियों को छोड़कर अन्य सभी संगठनों पर अचार संहिता लागू होता है, आखिर ये दोहरी रणनीति क्यों किया जा रहा है। वहीं वोटिंग परसेंटेज बढ़ाने के लिए ऐसे सत्ताधारी लोग हार के डर से फर्जी आईकार्ड का भी उपयोग करने की रणनीति बनाया जा रहा है, इस पर विशवविद्यालय छात्रसंघ चुनाव समिति कि ओर से पैनी नजर रखा जा ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष ओर पारदर्शीता पूर्वक है।

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