पटना, 10 अप्रैल। बिहार में नेपाल के रास्ते कोरोना फैलाने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। नेपाल भारत सीमा पर तैनात SSB ने बिहार सरकार को एक पत्र लिखकर इस साजिश की जानकारी दी है।पत्र के मुताबिक एक समुदाय विशेष के 50 भारतीय जेहादियों को इस काम के लिये तैयार किया गया है। कोरोना संक्रमित ये मरीज नेपाल के रास्ते बिहार में प्रवेश करनेवाले थे। नेपाल के एक मस्जिद में इस काम का उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। शरीर का तापमान अधिक न हो, इसके लिए उन्हें पैरासिटामोल की गोली खाने की भी सलाह दी गई थी। इस काम में उन्हें नेपाल का जालिम मुखिया मदद करता। जालिम मुखिया अवैध हथियारों व नकली नोटों की तस्करी से भी जुड़ा रहा है। जालिम मुखिया नेपाल के पारसाज जिला के सेरवा थानांतर्गत जगन्नाथपुर गांव का निवासी है।

नेपाल से बिहार में घुसे खास समुदाय के कोरोना पॉजिटिव SSB के एक गोपनीय पत्र के आलोक में प चंपारण के डीएम ने बेतिया और बगहा के एसपी को भारत-नेपाल सीमा पर अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। डीएम ने एसपी को लिखा है कि नेपाल के पारसाज जिले के सेरवा थाने के जगनाथपुर गांव निवासी मो.जालिम मुखिया नाम का शख्स भारत में कोरोना महामारी फैलाने के आतंकी मंसूबे के तहत भारत में कोरोना जेहादी भेजने पर काम कर रहा है। मो. जालिम मुखिया नेपाल से भारत में हथियार और जाली नोटों की तस्करी में शामिल रहा है।

एसएसबी ने लिखा पत्र, डीएम ने एसपी को किया सतर्क एसएसबी ने 3 अप्रैल को अपने खुफिया इनपुट में आगाह किया था कि 40 से 50 समुदाय विशेष के लो्गों के भारत आने की खुफिया सूचना है। एसएसबी ने नेपाल निवासी जालिम मुखिया द्वारा भारत में कोरोना वायरस फैलाने की साजिश को लेकर अलर्ट रहने की जानकारी दी। पत्र में यह भी सूचना दी गई है कि समुदाय विशेष के वैसे 200 लोग, जो बाहर के मुस्लिम देशों में काम करते रहे हैं और पांच-छह पाकिस्तानी नागरिक काठमांडू के रास्ते नेपाल आ चुके हैं और एक मस्जिद में टिके हुए हैं। इन लोगों ने 40 से 50 एक समुदाय विशेष के भारतीय नागरिकों को बिहार सीमा से भारत में भेजा है।

पहले तो बिहार के गृह सचिव आमिर सुबहानी ने इस खबर को पुष्टि से टालमटोल किया लेकिन बाद में बताया कि खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

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