भागलपुर (विसंके)। रविवार को गणपत राय सालारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर एवं पूरणमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर में संयुक्त रुप से 75वां स्वतंत्रता दिवस अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया।

मुख्य अतिथि खेरैहिया हाई स्कूल से अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य लखन लाल शर्मा, केंद्रीय विश्वविद्यालय रांची के अवकाश प्राप्त कुलपति प्रो. नंद कुमार इंदु, विद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन झा, सचिव उपेन्द्र रजक, विद्यालय के प्रधानाचार्य रामजी प्रसाद सिन्हा एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजीत कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से भारत माता का पूजनोत्सव और दीप प्रजलित कर कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन किया। इसके पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य रामजी प्रसाद सिन्हा द्वारा झंडोत्तोलन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. नंदकुमार इंदु ने कहा कि भारत की आजादी ने हमें जिम्मेदार बना दिया है। इमानदारी पूर्वक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए कर्तव्यनिष्ठ जीवन ही देशभक्ति है इसके बिना हमारी आजादी अधूरी है। समरसता का भाव, गरीबों का मदद करना, अपने दायित्व का निर्वहन ही सच्ची देशभक्ति है। शिक्षा विकास की पुँजी है अतः शिक्षा का प्रसार करके देश का विकास कर सकते हैं। योगा कर्मसु कौशलम के अनुसार कुशल एवं संस्कारी बालकों का निर्माण करना आवश्यक है। संस्कारी बालकों से ही देश का विकास हो सकता है। अतः आज छात्रों का मेंटरिंग आवश्यक है। चरित्र निर्माण, व्यक्ति निर्माण, व्यक्तित्व निर्माण ही शिक्षा का मूल उद्देश्य है।

लखन लाल शर्मा ने कहा कि यह धरती है मेरी आसमान है मेरा पर अंग क्षेत्र के वीर शहीद मेरे साथी नहीं है। मेरे मित्र एवं कई सहयोगियों की आंखों देखी सहादत बलिदान को याद कर आज भी मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

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प्रधानाचार्य रामजी प्रसाद सिन्हा ने कहा कि हमने न अपनों का बलिदान देकर आजादी पाई है परंतु देशद्रोहियों का समर्थन गुलामी की मानसिकता एवं भ्रष्टाचारी की प्रवृत्ति देश के विकास का बाधक है। हम अपने स्वाभिमान एवं ईमानदारी एवं नैतिकता के गुणों को बनाए रखना ही देश के प्रति सच्ची श्रद्धा एवं समर्पण है। देश विकास के पथ पर अग्रसर है परंतु मंजिल अभी भी दूर है। इस समय केवल मानसिक आजादी ही नहीं आर्थिक आजादी आवश्यक है। हमें अपने संसाधनों का सही सदुपयोग ही राष्ट्रभक्ति है। सकारात्मक सोच ईमानदारी कर्तव्यनिष्ठा एवं अच्छे संस्कारों से युक्त बालकों का निर्माण करना राष्ट्र हित के लिए आवश्यक है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. मधुसूदन झा ने कहा कि दीप प्रतीक है अज्ञानता रूपी अंधकार को दूर करने का। हमें अंग क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी एवं वीर सपूतों का स्मरण एवं नमन करना ही हमारा कर्तव्य है।

छात्र ऋषभ के द्वारा हिंदी में भाषण प्रस्तुत किया गया। अमन के द्वारा अमृत महोत्सव गीत प्रस्तुत किया गया। काजल एवं खुशी के द्वारा मंच संचालन किया गया। अतिथि परिचय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य अशोक मिश्र द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन शिशु मंदिर प्रभारी जितेंद्र प्रसाद द्वारा किया गया। राष्ट्रगीत के उपरांत कार्यक्रम संपन्न हुआ।

इस अवसर पर लखन लाल शर्मा, नंद कुमार इंदु, डॉ मधुसूदन झा, उपेंद्र रजक, रामजी प्रसाद सिन्हा, डॉ अजीत कुमार पांडेय, अशोक मिश्र, जितेंद्र प्रसाद,  डॉ. संजीव झा, अजय कुमार, अभिमन्यु कुमार, दीपक कुमार झा, शशि भूषण मिश्र एवं विद्यालय के सभी आचार्य, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे।

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