पटना, 26 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कर्मठ कार्यकर्त्ता और भरतीय राजनीती से अलग रह कर समाज की सेवा करने वाले नानाजी देशमुख को 2019 का भारत रत्न देने का ऐलान किया है। नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मरणोपरांत यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलेगा। 20 वर्ष बाद दो से ज्यादा हस्तियों को इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए चुना गया है। नानाजी देशमुख जब अपनी राजनीति के चरम पर थे तो 60 वर्ष की आयु में राजनीति से संन्यास लेकर ग्राम्य विकास के रचनात्मक काम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

ज्ञात हो कि आपातकाल के दौरान 04 नवम्बर, 1974 को जब कांग्रेस सरकार की पुलिस ने पटना में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया तो नानाजी देशमुख ने ही अपने हाथों पर पुलिस की बर्बर लाठियों को रोक कर जेपी को बचाया जिसमें उनके हाथ की हड्डी टूट गयी थीं।

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