निगमीकरण और निजीकरण के विरोध में भारतीय मजदूर संघ से संबद्धित सभी संगठन 30 दिनों के हड़ताल पर हैं. हड़ताल के चौथे दिन बिहार में व्यापक असर देखने के लिए मिला. बीएमएस की नालंदा इकाई और आयुद्ध निर्माणी संघ के प्रदेश संयोजक अशोक कुमार ने केंद्र सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि सरकार किताबी ज्ञान वाले अर्थशास्त्री के चंगुल में कैद है और दूसरों के इशारे पर उत्पादक इकाइयों का निगमीकरण कर रही है.

बी.एस.एन.एल के निगिमिकरण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बीएमएस माँग करती है सरकार बी.एस.एन.एल  के निगमीकरण पर एक श्वेत पत्र जारी करे ताकि निगमीकरण का कुप्रभाव का पता समाज को चल सके. पुरे देश के आयुद्ध निर्माणी को निजीकरण करने की भारत सरकार ने योजना बनी है,  इसी को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है. हड़ताल की वजह से सभी आयुद्ध कारखानों व फैक्ट्रियों में सन्नाटा पसरा हुआ है.

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