पुरस्कार प्राप्त करते सागर शर्मा और अंकित राज

अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान अपनी संस्कृति, परम्पराओं, जीवन मूल्यों, ज्ञान-विज्ञान एवं महापुरूषों के अनुभव को भावी पीढ़ी के बीच शिक्षा के माध्यम से छात्रों को सौपने का प्रयास कर रही है, जिससे आज के निराशापूर्ण वातावरण में भी आशा की किरण उत्पन्न होकर विद्यार्थी जगत में अपेक्षित परिवर्तन दिखाई देगा। उक्त बातें सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ने विद्यालय के सफल छात्रों को पुरस्कृत करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को गुणवान बनाने के लिए विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान, कुरूक्षेत्र (हरियाणा) के द्वारा विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का संचालन किया जाता है। जिसमे “अखिल भारतीय छात्र निबन्ध प्रतियोगिता” है।  इस प्रतियोगिता का आयोजन प्रत्येक वर्ष हिन्दी दिवस (14 सितम्बर) के अवसर पर पूरे देश में किया जाता है।

विदित हो कि विगत सत्र 2018-19 में भी यह परीक्षा पूरे देश में विद्या भारती द्वारा संचालित कुल 34 प्रदेश समितियों के अन्तर्गत हजारों विद्यालय में एक साथ आयोजित की गई थी, जिसमें भारती शिक्षा समिति, बिहार के अन्तर्गत चलने वाले सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर के एकादश के छात्र सागर शर्मा को तरूण वर्ग में ”वर्तमान शताब्दी में भारत की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियां “ विषय पर एवं कक्षा चतुर्थ के छात्र अंकित राज को शिशु वर्ग में” मानवता का त्रास हरें हम“ विषय पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर संस्कृति बोध परियोजना के संकुल प्रमुख जयेन्द्र कुमार गुप्ता सहित समस्त आचार्य बंधु-भगिनी उपस्थित थे।

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