राजकोट. देश और राज्य के साथ-साथ राजकोट शहर (सौराष्ट्र प्रांत केन्द्र) में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कोरोना संक्रमण के कारण शहर में कुछ लोगों की मृत्यु भी हो रही है. कोरोना संक्रमण के कारण मृतकों के अंतिम संस्कार में जनभावना को संभालना प्रशासन के लिए मुश्किल साबित हो रहा है.
पिछले वर्ष कोरोना संकट काल में लॉकडाउन और उसके पश्चात सेवा भारती के स्वयंसेवकों द्वारा किए कार्य से प्रशासन परिचित था. इसी के चलते स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सहायता लेने का विचार किया.

श्मशान गृहों में स्वयंसेवकों ने संभाला मृतकों के अंतिम संस्कार का जिम्मा01डिस्ट्रीक्ट कलेक्ट्रेट और अस्पताल प्रशासन ने राजकोट महानगर संघचालक डॉ. जितेंद्र अमलानी को मीटिंग के लिए बुलाया तथा उनके समक्ष विषय रखा. प्रशासन ने कोरोना संक्रमण से मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए सहायता का आग्रह किया. संघचालक जी ने प्रशासन को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया.
तत्पश्चात जैसे ही राजकोट संघचालक जी ने कार्यकर्ताओं के सामने विषय रखा और आह्वान किया तो युवा स्वयंसेवक सेवा कार्य के लिए आगे आए. तथा राजकोट महानगर में स्थित सभी श्मशान गृहों पर मोर्चा संभाला.
अस्पताल से लाए जा रहे शवों (कोरोना संक्रमण से मृत्यु) का पूर्ण विधान के साथ तथा परिजनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइंस का पालन करते हुए अंतिम संस्कार स्वयंसेवकों द्वारा किया जा रहा है.
महानगर कार्यवाह और सह कार्यवाह व अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में स्वयंसेवक सभी श्मशान गृहों में तीन शिफ्ट में सेवा यज्ञ में लगे हैं.

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