मधुबनी। दुखी पंडित के घर में शादी को लेकर चहल पहल थी। बिहार के मधुबनी जिलान्तर्गत जयनगर के देवधा के इस गरीब कुम्हार के घर कई मेहमान आये थे। घर के लड़के की शादी थी। वर पक्ष के लोग कन्या पक्ष के यहां जाने की तैयारी कर रहे थे। मांगलिक गीत बज रहे थे। गरीब कुम्हार ने अपने सामर्थ्य से सारा इंतजाम किया था। तभी अचानक एक समुदाय विशेष के लोग आ धमके। शांतिप्रिय कहा जानेवाले इस सम्प्रदाय को इस अति पिछड़ा वर्ग के गरीब की खुशी नहीं दिखी। उन्हें तो बस अपनी दबंगीयत दिखानी थी। धमकी भरे शब्दों में कहा गया बाजा बंद करो। गरीबों के गाने के कारण उन्हे नमाज़ पढ़ने में दिक्कत आ रही है। स्पीकर की आवाज़ काफी कम कर दी गई लेकिन नीयत में खोट था। शांतिप्रिय समुदाय का कहर कुम्हारों पर टूट पड़ा। जो सामने दिखा उसे पीटा गया। स्पीकर तोड़ दिया गया। घर को तहस नहस किया गया। महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई। पूजा के सामान को अपमानित किया गया। इतना पर भी मन नहीं भरा तो मस्जिद से पत्थरबाजी भी की गई।


देवधा मध्य पंचायत के वार्ड संख्या-5 में बड़ी मस्जिद से कुछ दूरी पर दुखी पंडित का घर है। यहाँ विवाह होने के कारण गीत बज रहा था। लड़के के यहाँ बारात निकलने की तैयारी शुरू थी कि अचानक उस परिवार की प्रसन्नता पर मजहबी उन्मादी भीड़ टूट पड़ी। गीत सुबह से ही बज रहा था और दोपहर 1 बजे विवाह वाले व्यक्ति के घर के नजदीक स्थित मस्जिद से दूसरे समुदाय के कुछ लोग आए और अचानक रौबदार आवाज में गीत बन्द करने का दवाब बनाने लगे और कहने लगे कि आज शुक्रवार है और जुम्मा का नमाज है इसीलिए गीत बन्द करो। गीत बन्द करने का दवाब बनाने पर एक समुदाय के उस व्यक्ति ने आवाज कम कर दिया, फिर भी दूसरे समुदाय की मजहबी भीड़ ने एकाएक उस परिवार के लोगों पर हमला कर दिया और घर में घुसकर महिलाओं के साथ बदतमीजी और मारपीट किया।

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इतना ही नहीं विवाह की तैयारी के लिए बाजार से खरीददारी कर लाये सामान को बिखेड़ दिया और कुछ सामान लूट भी लिये। घर में विवाह का माहौल होने के कारण महिलाएं ही थी और बच्चे खेल रहे थे। एकाध लोग बाहर में थे तो अधिकतर पुरूष सदस्य विभिन्न कार्यों, बारात जाने की व्यवस्था के कारण बाहर थे। पुरुषों की गैरमौजूदगी में समुदाय विशेष की मजहबी भीड़ ने एक समुदाय के घर पर धावा बोल दिया और महिलाओं तथा बच्चों को पीटा और गालियां दी, बदसलूकी की। घर के एक पुरूष सदस्य को बेरहमी से पीटा और साउंड सिस्टम को तहस-नहस कर दिया। पूजा-पाठ के लिए रखे पूजन सामग्री को लात मारकर अपवित्र किया और इधर-उधर बिखेड़ दिया।जबतक उस परिवार के अन्य पुरुष आते तब तक समुदाय विशेष की मजहबी भीड़ मस्जिद में चली गई और मस्जिद के ऊपर छत पर से पत्थरबाजी-रोड़ेबाजी करने लगी। अचानक मस्जिद के छत पर से समुदाय विशेष के मजहबी लोगों द्वारा किये जा रहे ईंट-पत्थर की भीषण रोड़ेबाजी से लग रहा था कि यह योजनाबद्ध तरीके से पत्थर इकट्ठा किया गया है। इस घटना में दो लोग 21 वर्षीय रमेश और एक महिला गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को जयनगर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया।


घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन के लोग भी पहुंचे। बातचीत कर घटना के प्रभाव को रोका गया लेकिन आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की गई।
यह घटना एक झलक है बिहार में शांतिप्रिय समुदाय के नंगे नाच का। ऐसी कई घटनाएं पहले भी घट चुकी है। इसी मुहल्ले में पिछले साल भी लाउड स्पीकर बजाने को लेकर सम्प्रदाय विशेष द्वारा मारपीट की गई थी। लेकिन ऐसी घटनाओं का हश्र एक ही हित है। ‘धर्मनिरपेक्षता’ और साम्प्रदायिक सौहार्द जैसे लच्छेदार बातों की आड़ में अपराधी बचते रहे हैं।

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