दिल्ली में दंगों को 10 दिन से ऊपर का समय हो चुका है। लेकिन इन दंगों ने यहां के लोगों को इतने गहरे जख्म दिये हैं, जिनको भरने बेहद मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन हैं। 24 और 25 फरवरी को दंगाइयों ने इतना तांडव मचाया था कि लोगों के दिलो दिमाग में एक तरह का डर सा बैठ गया है।
हालात ये हैं कि कई हिंदू परिवार वापस अपने घर जाने को तैयार नहीं हैं। इनमें से कुछ लोग या तो अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए हैं या फिर अपने गांव वापस लौट गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ कई लोग ऐसे भी हैं जो दंगा प्रभावित इलाकों में जगह बदल-बदलकर रहने को मजबूर हैं। ये लोग इतने बुरे हाल में दिन गुजार रहे हैं कि उनके पास बदलने के लिए कपड़े तक नहीं हैं।

 

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