कार्य को संकल्पित भाव से किया जाए तो सफलता आवश्य मिलती है। इसके लिए दृढ़ इच्छा शक्ति का होना अतिआवश्यक है। स्वच्छता का ध्यान रखकर हम अनेक प्रकार के रोगों से मुक्ति पा सकते है। एक निरोग व्यक्ति ही देश की सेवा भली-भांति कर सकता है। इसके लिए हमें दैनिक क्रियाकलाप में अच्छी आदतों का समावेष करना चाहिए। उक्त बातें केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा निर्देशित ”स्वच्छ भारत-स्वच्छता पखवाड़ा“ कार्यक्रम के अन्तर्गत सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. प्राणमोहन केशरी ने कही।

डॉ. कविता वर्णवाल ने कहा कि स्वच्छता हमारे दैनिक जीवन का आवश्यक अंग है। स्वस्थ व्यक्ति न केवल अपना भला करते हैं बल्कि समाज और देश के विकास में भी अपना सहयोग देते हैं। हमारा देश स्वच्छता के साथ-साथ ज्ञान विज्ञान के क्षेत्रों में भी आगे बढ़ा है। लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरुकता आई है। पर्यावरण संतुलित हो इसके लिए सभी छात्र-छात्राएँ पौधा रोपण अवश्य करें एवं समाज के लोगों को भी प्रेरित करें। नित्य स्नान, पौष्टिक आहार एवं स्वच्छ पानी का सेवन अवश्य करें। खाली पेट न रहें एवं खाना स्वच्छ स्थान पर खाएँ। कोई भी शारीरिक परेषानी हो तो चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

1

प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ने बच्चों की सामान्य बीमारियों की चर्चा करते हुए डॉक्टरों से शंका समाधान में छात्र-छात्राओं की मदद की। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे स्वास्थ के प्रति जागरुक नहीं रहते हैं। इससे सामान्य बीमारी भी वृहद रुप लेकर कष्ट का कारण बनते हैं। अतः किसी भी रोग को गंभीरता से लें और उसका इलाज अवश्य कराएँ।

छात्र-छात्राओं ने हर सप्ताह 2 घंटे श्रमदान करके स्वच्छता के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम दिनांक 01 सितम्बर से 15 सितम्बर तक मनाई जानी है जिसके अन्तर्गत पौधा रोपण, स्वच्छता अभियान, स्वच्छता जागरुकता दिवस, व्यक्तिगत स्वच्छता दिवस, पत्र लेखन दिवस आदि के साथ हाथ धो कर काम करने एवं स्वच्छ रहने की बात कही गई।

इस कार्यक्रम में उपप्रधानाचार्य उज्ज्वल किशोर सिन्हा, क्षेत्रीय बालिका शिक्षा संयोजिका कीर्ति रष्मि, कार्यक्रम प्रमुख डॉ.  नंदकिशोर मधुकर, सह प्रमुख छाया रानी सहित समस्त शिक्षक उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.