जेएनयू हिंसा मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब हिंदू रक्षा दल का बयान सामने आया। इस दल का अध्यक्ष कोई पिंकी चौधरी (भूपेंद्र तोमर) नाम का शख्स है। जिसने वीडियो जारी कर कहा है कि जेएनयू में देश विरोधी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और ये हिंसा हिंदू रक्षा दल ने की है। उन्होंने कहा कि जहाँ-जहाँ हिन्दुओं के खिलाफ ऐसी आवाज़ उठेगी उसके साथ इसी तरह का एक्शन लिया जायेगा।
सूत्रों का कहना है कि पिंकी का ये स्टंट पब्लिसिटी पाने के लिए है। वो इससे पहले भी ऐसी बयानबाजी कर सुर्खियां बटोरता रहा है। साल 2014 में पिंकी ने आम आदमी पार्टी के दफ्तर में तोड़फोड़ की थी इस मामले में उसे जेल भी जानी पड़ा।
पिंकी के खिलाफ महिलाओं से अभद्रता मामले में भी केस दर्ज है। 2017 में पिंकी को एक हत्या के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। पिंकी चौधरी गाजियाबाद में रहता है।
सोशल मीडिया पर यूजर्स पोस्ट कर रहे हैं पिंकी चौधरी, लेफ्टिस्टों का दलाल है और उसने पैसे लेकर ऐसी बयानबाजी की है। उधर, पिंकी का रिकॉर्ड देखकर लग रहा है कि उसने पब्लिसिटी पाने के लिए ये स्टंट किया है।
पिंकी चौधरी ने वीडियो जारी कर यह दावा किया है कि इस हमले को हमारे कार्यकर्ताओं ने अंजाम दिया है, लेकिन जब पत्रकारों ने उनसे यह जानना चाहा कि उन लोगों का नाम क्या है जिन्होंने इस हिंसा को अंजाम दिया है तो तो इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया। पत्रकार के किसी भी जवाब का उसके पास कोई स्पष्ट उत्तर नहीं था।

साभार- #ritamdigital

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