परमश्रद्धेय स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज का पार्थिवत्याग हम सब के लिए एक बहुत बड़ी व वेदनायक क्षति है। भारतीय धर्मजगत के वे सशक्त स्तम्भ थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हम कार्यकर्ताओं के लिए तो वे अत्यंत आत्मीय तथा अंतरंग अभिभावक रहे है उक्त बाते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने शोक व्यक्त करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज का जीवन पवित्र, स्नेहमय सेवापरायण तथा समर्पित जीवन, समाज-जीवन की पवित्रता व संतुलन का आधार रहा।

Untitled-2 copy

सामाजिक अभेद दृष्टि व समरसता के लिए मनसा वाचा कर्मणा सक्रिय रहकर विषमतानिर्मूलन के लिए, प्रबल समर्थन खड़ा करने वाले वे तपस्वी थे। उनके जाने से इन सब क्षेत्रों में उत्पन्न बहुत बड़ी रिक्तता को भरने का दायित्व हम सब पर आ पड़ा है। यद्यपि सूक्ष्मावकाश से उनसे प्रेरणा व पोषण हमें मिलता रहेगा, हमारे चर्मचक्षु तो अब उनको देख नहीं पायेंगे। उनकी पवित्र व प्रेरक स्मृति को हम सबका अश्रुपूरित नेत्रों से प्रणाम व भावभीनी श्रद्धांजलि।

Leave a Reply

Your email address will not be published.