बेगूसराय- वर्ष 2016 जून-जुलाई माह में हुए एच.एम. घोटाला बिहार की शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने की एक बहुत बड़ी चाल थी। एच.एम. घोटाला से बिहार का बेगूसराय जिला प्रभावित है। यह घोटाला उस समय के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी के काल में हुआ था। घोटाला ऐसा था की बेगूसराय जिला के कई शिक्षक को रातों-रात मोटी रकम लेकर पदोन्नति कर हेडमास्टर बनाया गया और मनचाहे स्कूलों में ज्वाइनिंग करा दिया गया। बेगूसराय के “जिला शिक्षा कार्यालय” भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया है।  जिला शिक्षा पदाधिकारी और कुछ शिक्षक संगठनों के नेता एवं कर्मचारी मिलकर दलाली कर रहे हैं और इस तरह के घटनाओं को अंजाम दे रहे है।
एच.एम. घोटाला को लेकर आन्दोलन करते आभाविप के छात्र
एच.एम. घोटाला को लेकर आन्दोलन करते आभाविप के छात्र

                    घोटाला पर एक नजर 

1.पैसा लेकर रातों-रात पदोन्नति कर हेडमास्टर बनाया गया।
2.मनचाहे स्कूलों में ज्वाइनिंग करा दिया गया।
3.ड्यूटी आवर में शिक्षकों को पीजी और पीएचडी की डिग्री बिना पढ़े दिला दिया गया।
4.एक रात में करोड़ों का खेल खेला गया।
5.एक शिक्षक को एक रात में तीन-तीन स्कूल में ज्वाइनिंग कराया गया।
आज यह स्थिति है जिला शिक्षा पदाधिकारी को एच.एम.  घोटाले को लेकर बार-बार हाईकोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता है तो कभी निगरानी विभाग का छापा जिला शिक्षा कार्यालय पर पढ़ जाता है। गुणवत्ता शिक्षा सिर्फ कागज पर चल रही है। आज विधार्थी परिषद् ने जिला शिक्षा कार्यालय पर प्रदर्शन किया एवं बहुत जल्द ही भ्रष्ट जिला शिक्षा अध्यक्ष को हटाने को लेकर बिहार सरकार से मांग करेगा। पिचले वर्ष 2016 में एच.एम. घोटाले को लेकर विद्यार्थी परिषद ने बेगूसराय में 9 दिनों तक धरना एवं अनसन किया था जिसे जाँच का आश्वासन देकर अनसन को समाप्त किया गया लेकिन अभी तक दोषियों को पकड़ा नहीं गया है। घोटाले में कौन- कौन लोग शामिल है इसका पता लगाना एक अनसुलझी पहेली है क्युकी निगरानी विभाग और प्रसासन दोनों फ़ैल हो गया है। आभाविप के लगातार प्रदर्शन और सहयोग से यह मामला आज समाज के सामने लाया गया है।

By nwoow

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