विश्व हिन्दू परिषद् ने आंध्रप्रदेश व तेलंगाना सरकार के कार्यों का पुरजोर विरोध किया। इसको लेकर विहिप के प्रांत अध्यक्ष(दक्षिण बिहार) पद्मश्री डॉ. आरएन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को बिहार के माननीय राज्यपाल फागू चौहान से मिले और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हिंदू आस्था को कई वर्षों से अपमानित किया जा रहा है। सरकार में बैठे लोग हिंदुओं के साथ भेदभाव की नीति अपना रहे हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सरकारें असंवैधानिक नीति अपना रहे है। दोने सरकारें विगत कई वर्षों से मुस्लिम व ईसाई समाज का तुष्टिकरण कर उनका वोट बैंक बनाने के लिए कई प्रकार की भेदभाव पूर्ण नीतियां लागू कर रही है। इसमें से कई नीतियां तो संविधान विरोधी है और कई न्यायपालिकाओं द्वारा अस्वीकार भी किए जा चुके हैं।

विवाद का कारण –


 धार्मिक आधार पर आरक्षण, मस्जिदों के निर्माण के लिए सरकारी धन लुटाना, सरकारी कोष से मौलवियों को ₹10000 प्रतिमाह व पादरियों को ₹5000 प्रतिमाह देखकर दोनों सरकारें धर्मांतरण व कट्टरवाद को प्रोत्साहन कर रही है। हिंदू तीर्थयात्रियों से दो-तीन गुना किराया वसूल करना व ईसाई व मुसलमान तीर्थ यात्रियों के लिए मुफ्त में बस टिकट की व्यवस्था करना हिन्दुओं को अपमानित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

क्या हो रहा है तिरुपति में –


तिरुपति जैसी पावन यात्रा इस आयत के प्रचार-प्रसार के लिए दुरुपयोग करना बहुत ही पीढ़ा दाई है। वहां जाने वाली बसों के टिकटों के पीछे जेरूसलम जाने वाले यात्रियों के लिए सब्सिडी वाली सुविधाओं का प्रचार करना आंध्र प्रदेश सरकार की हिंदू विरोधी नीति का प्रतीक है। तिरुपति तिरुमाला में ईसाई पादरियों को अपने धर्म के प्रचार प्रसार की छूट दी जाती है जिससे हिंदू अपमानित होता है।
प्रतिनिधिमंडल में महावीर मोदी, परशुराम कुमार, चितरंजन कुमार, डॉ. शोभा रानी, संजय कुमार, गौरव अग्रवाल, उपेंद्र कुशवाहा शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.