कानपुर, 26 जनवरी। हमारा राष्ट्रध्वज स्फूर्ति एवं प्रेरणा का प्रतीक है। इसके मध्य का चक्र धर्म चक्र है धर्म मात्र पूजापद्धति नहीं है पूजा धर्म का एक भाग हो सकता है। धर्म सबको जोड़ता है और सर्वसमाज की भौतिक एवं मानसिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है और सर्वमंगलकारी समाज की धारणा करता है। उक्त बाते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने ‘गणतन्त्र दिवस’ के उपलक्ष्य नारायना ग्रुप आफ इन्स्टीट्यूशन्स, पनकी कानपुर में कही। उन्होंने कहा कि हमारा राष्ट्रध्वज हमारा मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत है। शीर्ष पर स्थापित भगवा रंग त्याग, सतत् कर्म का संदेश देता है। यह हमारी प्रकृति है भगवा रंग का हम वंदन करते हैं। ध्वज के मध्य भाग का श्वेत रंग सर्वशान्ति, शान्त मानवता और तन-मन की पवित्रता जो हमारे देश में सनातन काल से चली आ रही है का प्रतीक है। हरा रंग लक्ष्मी जी का रंग है जो कि समृद्धि का प्रतीक है।

मन, बुद्धि की समृद्धि के साथ क्रोध, तृष्णा, मदमत्सर के त्याग का भी संदेश देता है। इन सबको हम अलक्ष्मी मानते हैं। हम किसी के अशुभ की कामना नहीं करते हैं। सबके सुख की कामना करते है। सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भागभवेत् हमारा ध्येय है। शान्ति और सद्गुणों को समाप्त करने के लिए राष्ट्र विरोधी शक्तियाँ अनेक प्रकार के कुप्रयास कर रही हैं। सम्पूर्ण विश्व इनसे पीड़ित है। विश्व जानता भी है कि इन शक्तियों को पराजित करने की क्षमता भारत में है। भविष्य में हम जन-जन के जीवन को श्रेष्ठ बनाकर भारत को विश्वगुरू रूप में स्थापित कर सम्पूर्ण विश्व को श्रेष्ठ बनाने का संकल्प आज के दिन लेते हैं।

उपस्थित समुदाय को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें गणराज्य दिवस का विस्मरण कभी नहीं होगा। शतकों की गुलामी के बाद हमने स्वतन्त्रता पायी, केवल मात्र राजनैतिक स्वतन्त्रता ही नहीं अपितु सामाजिक, आर्थिक स्वतन्त्रता के लक्ष्य के रूप में गणराज्य दिवस मनाते हैं। आज के दिन अबाल, वृद्ध, नारी बिना किसी आवाहन के स्वस्फूर्त भाव से आनन्दित होते हैं। आज के दिन हम स्मरण करते हैं कि हमको एक होना है इसलिए नहीं कि हम अनेक हैं हम सदा से ही एक रहे हैं। भारत माता के हम सब पुत्र हैं समान पूर्वजों की संतति हैं। बाह्य विविधता हमारी सनातन एकता की अभिव्यक्ति मात्र है। जाति, जन्म, पूजा भेद से ऊपर हम सब भाई-बहिन हैं। हमारा राष्ट्रध्वज हमारा मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.