पटना- भारतीय जनता पार्टी ने बिहार प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता और दधीचि देह दान समिति के प्रदेश अध्यक्ष *गंगा प्रसाद को मेघालय का राज्यपाल* बनाया गया है। गंगा बाबू के नाम से प्रख्यात गंगा प्रसाद जी न सिर्फ भाजपा बल्कि कई संगठनों के जीवनदायी सकती के रूप में लगातार कर्मरत हैं।

बाल्य स्वयंसेवक गंगा बाबू जनसंघ से तब जुड़े जब इस पार्टी की कोई विशेष पहचान नहीं थी। 60 के दशक में सघन प्रवास कर भाजपा (तब के जनसंघ) को सींचा। परिवार का विरोधऔर सीताराम केशरी सरीखे कद्दावर कांग्रेसियों का कोप सहकर भी पार्टी की लाईन से अलग नहीं हुए। पार्टी ने तीन बार विधान सभा का चुनाव दानापुर से लड़वाया। 77 वर्षीय गंगा बाबू ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री, प्रदेश निधि प्रमुख सरीखे अनेक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वाहन किया। आपातकाल के समय पूर्णकालिक के रूप में काम किया। पटना का खाजपुरा स्थित आवास आपातकाल के समय एक अघोषित कार्यालय था। तानाशाही सरकार ने घर की कुर्की जब्ती कर ली लेकिन आंदोलनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। आपातकाल से लेकर आज तक इनका घर कार्यालय और बैठकों के लिये कार्यकर्ताओं को हर समय उपलब्ध है। 1994 में जब भाजपा ने इन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया तो कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी थी। 18 वर्षों तक परिषद के सदस्य रहे।

गंगा बाबू ने न सिर्फ भाजपा बल्कि संघ विचारधारा के कई संगठनों में नवीन उत्साह दिया। लघु उद्योग भारती के पहले क्षेत्रीय अध्यक्ष (बिहार झारखंड) बने। दधीचि देहदान समिति की जब प्रदेश कार्यकारिणी गठित हो रही थी तो इन्हें समिति का अध्यक्ष बनाया गया। परमपूज्य सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के समक्ष आपने अपने देहदान की प्रतिज्ञा ली।विश्व संवाद केंद्र के संस्थापक न्यासी भी रहे। विश्व संवाद केंद्र के विकास के लिए सदैव तत्पर रहे। वर्तमान में कैलाशपति मिश्र न्यास समिति के अध्यक्ष हैं।

समाज की जरूरतों के लिए भी हमेशा आगे रहनेवाले गंगा बाबू बिहार राज्य आर्य प्रतिनिधि सभा के राज्य प्रधान हैं।इसके अलावा बिहार राज्य खाद्यान्न व्यवसायी संघ के प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष और अखिल भारतीय चौरसिया महासभा के संरक्षक भी गंगा बाबू हैं।

गंगा बाबू के राज्यपाल बनाये जाने से कार्यकर्ताओं में उत्साह है। समर्पित कार्यकर्ताओं की पार्टी आज भी कद्र करती है, यह गंगा बाबू के मनोनयन से साफ हो गया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने उन्हें बधाई दी। बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने घर पर जाकर परिवारजनों को बधाई दी। बिहार के कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने उन्हें समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए बधाई दी है। बिहार भाजपा के तीसरे कार्यकर्ता गंगा बाबू हैं जिन्हें राज्यपाल बनाया गया है। इनके पहले कैलाशपति मिश्र और मृदुला सिन्हा राज्यपाल बने हैं। गंगा बाबू अभी हरिद्वार में हैं और पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक कल पटना आएंगे।

 संजीव कुमार

By nwoow

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