कोरोना संक्रमण को लेकर बिहार में कुछ विशेष साॅफ्टवेयर विकसित किया गया है। भागलपुर ट्रिपल आईटी और पटना के एनआईटी ने आमलोगों की सुविधा के लिए कई साॅफ्टवेयर बनाये हैं। भागलपुर ट्रिपल आईटी में कोरोना वायरस की पहचान करने वाले साॅफ्टवेयर को विकसित किया है। इससे न सिर्फ कोरोना बल्कि अीवी, निमोनिया, वायरल का भी पता कुछ सेकेंड में चल जायेगा। संस्था ने अपने इस साॅफ्टवेयर को आईसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद्) को भेजा है जहां से अनुमति मिलते ही इसे अस्पतालों में लागू किया जायेगा।
संस्था के निदेशक प्रो. अरविंद चैबे को उम्मीद है कि इस माह के अंत तक सकारात्मक जवाब आईसीएमआर से मिल जायेगा। आइसीएमआर की पहल पर ही इस तरह का साॅफ्टवेयर बनाया गया है। इस साॅफ्टवेयर को बनाने के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल अस्पताल और विदेशों से 500-500 के करीब डिजिटल एक्सरे के डाटा पर काम किया गया। इस साॅफ्टवेयर को संस्था के शिक्षक डाॅ. संदीप राज ने विकसित किया है। यह साॅफ्टवेयर पहले सिर्फ कोरोना की जानकारी देता था लेकिन अब डिजिटल एक्सरे डालते ही यह साॅफ्टवेयर बता देगा कि मरीज को कोरोना, टीवी, निमोनिया है अथवा वह सामान्य है। इन तीन बीमारियों के अलावा अन्य बीमारियों के बारे में भी यह साॅफ्टवेयर जानकारी दे सके, इसके लिए इस साॅफ्टवेयर पर निरन्तर कार्य चल रहा है। कई कंपनियों ने इस साॅफ्टवेयर को खरीदने के लिए संस्था के निदेशक से संपर्क किया है।
एनआईटी पटना के छात्रों ने किसानों की खेतों की सुरक्षा के लिए एक विशेष डिवाइस बनाई है। यह डिवाइस अल्ट्रा साउंड पर आधारित है, जो जानवरों को खेत में पहुंचते ही सक्रिय हो जाती है। जानवर खेत के पास जितने समय रहेंगे, उतने समय तक यह डिवाइस सक्रिय रहेगी। जानवरों के हटने पर यह स्वतः निष्क्रिय हो जायेगी। यह डिवाइस इंसान व जानवर की पहचान करती है। इलेक्ट्राॅनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच के तृतीय वर्ष के छात्रों ने इसे विकसित किया है। यह डिवाइस देशी तकनीक पर आधारित है और काफी किफायती है। एक हेक्टेयर खेत के लिए इस डिवाइस की कीमत 7 हजार रूपये मात्र होगी।
– संजीव कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *