पटना,-  पाटलिपुत्र बुद्धिजीवी मंच द्वारा आज पटना में ममता बनर्जी के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। बंगाल सरकार द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यापक डाॅ. राकेश सिन्हा और कुछ अन्य लोगों पर बेवजह प्राथमिकी दायर किए जाने के खिलाफ यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया।
ज्ञात हो कि पिछले कुछ दिन पहले डॉ० राकेश सिन्हा ने मध्य प्रदेश के एक मंदिर में पूजा-अर्चना के पश्चात ट्वीटर पर अपने माँ के साथ एक फोटो ट्वीट किया था इस बात पर पश्चिम बंगाल की तानाशाह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनपर बंगाल में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी जो कि मानवाधिकार का हनन है। यह विरोध प्रदर्शन पटना के गांधी मैदान के समीप स्थित जेपी गोलंबर से निकल कर डाक बंगला चैराहा तक गया। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान बुद्धिजीवियों ने ममता सरकर पर आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अब तुष्टीकरण के अंधे दौड़ में शामिल हो चुकी है। उन्हें भारतीय संविधान की समझ नहीं है। किसी व्यक्ति के धार्मिक स्वतंत्रता का हनन किसी को करने का अधिकार नहीं है। पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक तनाव चरम पर है लेकिन उसे नियंत्रण में करना ममता बनर्जी के लिए आवश्यक नहीं है। उल्टे जो लोग उनके दमन और अत्याचार का विरोध करते हैं उनके ऊपर झूठे मुकदमे दायर किये जाते हैं। आधारहीन मुकदमे दायर कर ममता बनर्जी देश के प्रमुख बुद्धिजीवियों को डराना-धमकाना चाहती है। बिहार के बुद्धिजीवी ममता बनर्जी के इस तानाशाही रवैये का विरोध करते हैं। जबतक झूठे मुकदमे वापस नहीं होंगे तबतक विरोध चलता रहेगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान माधव फीचर्स के समन्वयक डाॅ. संजय सिंह, स्वत्व पत्रिका के संपादक कृष्णकांत ओझा, वरिष्ठ पत्रकार प्रियरंजन भारती, लैश लाईट के संपादक संजीव कुमार, वरिष्ठ पत्रकार संजय ठाकुर, समाजसेवी संजीव कुमार यादव, संजीव सिन्हा, गौरव कुमार, उर्दू के पत्रकार मो. अफजल इंजीनियर, अजीत चंद्रवंशी, सहित पटना के दर्जनों बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों, पत्रकारों आदि ने विरोध मार्च में शामिल हुए।

FIR COPY _RAKESH SINHA

By nwoow

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