बिहार की महिलाओं ने चीन के बहिष्कार पूरी तरह मन बना लिया है। लगता है इस बार बिहार में चीन की बनी राखियों की बिक्री नहीं हो पायेगी क्योंकि बिहार की महिलाएं अब अपने दम पर आकर्षक ढंग से राखियां बना रही हैं। ये राखियां डिजायनर हैं और अब इनकी मांग भी होने लगी है।
तीन अगस्त को रक्षाबंधन है। श्रावण पूर्णिमा के दिन बिहार में बड़े पैमाने पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। 5 जुलाई से श्रावण प्रारंभ हो जायेगा। श्रावण में महिलाएं श्रृंगार और रक्षा बंधन से जुड़ी चीजें बड़ी मात्रा में खरीदती हैं। लेकिन, इस बार का श्रावण कुछ विशेष होगा। बिहार की महिलाओं ने ठाना है कि चीनी राखियों का विकल्प देने के लिए वे तत्पर रहेंगी। चीनी राखियों के बदले बिहार की महिला उद्यमियों ने ‘भाभी की राखी’ और श्रावण पर्व से जुड़ी गहनें बनाने का काम शुरु कर दिया है। बिहार महिला उद्योग संघ की संस्थापक उपाध्यक्ष इंदु अग्रवाल बताती हैं कि ये राखियां विशेष प्रकार की हैं। इन राखियों में बिहार की लोक कलाओं की छाप दिखेगी। राखियों में मंजूषा और मिथिला पेंटिंग की झलक दिखेगी। राखियों पर गुड्डे और गुड़ियों को लगाकर उसे आकर्षक स्वरूप भी प्रदान किया जा रहा है। गलवान घाटी में चीन की कुकृत्यों के लिए यह जरूरी था।

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बिहार महिला उद्योग संघ की अध्यक्ष उषा झा इस काम के लिए बिहार की महिला उद्यमियों को धन्यवाद देती हैं। 200 से ज्यादा महिलाएं राखी और मास्क के काम में प्राणपण से जुटी हैं। राखियों के जैसा मास्क पर भी मधुबनी और मंजूषा कला ऊकेरी जा रही है। बिहार की टिकुली कला को भी इसमें समाहित किया जा रहा है। राखी और मास्क की माकेर्टिंग भी शुरू हो गई है। मुंबई और दिल्ली से आॅर्डर आने शुरू हो गये हैं। इस बार सावन में लगभग 1 करोड़ का कारोबार राखी और मास्क का होगा। महिलाओं द्वारा निर्मित मास्क और राखियों की कीमत भी बाजार के अनुरूप ही रखी गई है। क्रोसिया से रेशम और जड़ी की बुनकर हेंडमेड राखियां भी बन रही है। महिला उद्यमियों ने कस्टमाइज राखियां भी बनानी शुरू कर दी है। भाई-बहन के फोटो से युक्त राखियों की कीमत 25 से 250 रूपये तक होगी। कुछ महिलाएं सावन की ज्वेलरी भी बना रही है। इसके अलावा सावन ग्रिटिंग काड्र्स भी बन रही है। अपने शिल्प की छाप मास्क में देने की तैयारी भी चल रही है। लोक कलाओं से इतर ग्रीन और वर्क किये हुए मास्क भी बनाये जा रहे हैं। 15 अगस्त को देखते हुए तिरंगे मास्क भी बनाये जा रहे हैं। एक महिला को 25 से 50 हजार रूपये तक आमदनी सावन के महीने में होने की उम्मीद है।

– संजीव कुमार

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