[button color=”” size=”” type=”3d” target=”” link=””]वर्चुअल व्यक्तित्व विकास महोत्सव से उत्तर बिहार के विभिन्न विद्यालयों से जुड़ेंगे हजारों छात्र-छात्राएं[/button]

सीवान (विसंके)। अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान विद्या भारती की प्रदेश इकाई लोक शिक्षा समिति बिहार के तत्वावधान में वर्चुअल रूप से आयोजित छ: दिवसीय प्रांतीय व्यक्तित्व विकास महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को लोक शिक्षा समिति बिहार के संरक्षक रामकुमार केशरी, सदस्य रविन्द्र पाठक, सुनील दत्त शुक्ल एवं जिला निरीक्षक कृष्ण कुमार प्रसाद के द्वारा अलग-अलग स्थानों पर से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
गौरतलब हो कि शुक्रवार से शुभारम्भ होकर आगामी 30 जून तक प्रतिदिन वर्चुअल माध्यम से संचालित होने वाले इस व्यक्तित्व विकास महोत्सव में उत्तर बिहार प्रांत के सभी सरस्वती शिशु/विद्या मंदिरों में पढ़ने वाले भैया- बहन भाग ले रहे हैं। इस महोत्सव के लिए छात्र-छात्राओं को कक्षाओं के अनुसार कुल आठ समूहों में बांटा गया हैं।
शुक्रवार को उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए लोक शिक्षा समिति बिहार के सचिव नकुल कुमार शर्मा ने कहा व्यक्तित्व विकास महोत्सव कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं के अंदर विभिन्न विधाओं के प्रतिभा का विकास करना है।
गौरतलब हो कि इस व्यक्तित्व विकास महोत्सव में कक्षा अरुण से द्वादश तक के छात्र-छात्राओं के द्वारा योग, संगीत, कला, कबाड़ से जुगाड़, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान प्रयोगशाला, आत्मनिर्भरता, बागवानी एवं कोरोना काल की उपलब्धि जैसे विभिन्न विद्याओं का प्रदर्शन विभिन्न खंडों में किया जाएगा।

svm siwanशुक्रवार को इस महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर शिशु वाटिका समूह के छोटे- छोटे छात्र-छात्राओं के द्वारा वर्चुअल रूप से योग, आसान एवं व्यायाम का शानदार प्रदर्शन किया गया।

वहीं किशोर वर्ग के छात्र-छात्राओं के द्वारा गायन, वादन एवं नृत्य जैसे विद्याओं का वर्चुअल माध्यम से प्रदर्शन किया गया।
इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के संगठन मंत्री ख्यालीराम ने कहा संगीत के भाव भारत के संगठनात्मक स्वरूप का दर्शन करता है।विद्या भारती के कार्यकर्ता भारत के निर्माण में लगे हुए हैं।
महोत्सव में अपने उद्बोधन में प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यनारायण गुप्त ने कहा संगीत भारत की प्राचीनतम कला है। जिसका समाज एवं हमारे जीवन में बहुत ही महत्व है।
अंत में अध्यक्षीय आशीर्वचन में प्रदेश संरक्षक रामकुमार केशरी ने कहा मन को स्वस्थ रखने के लिए तन को स्वस्थ रखना जरूरी है। ईश्वर से जुड़ने का सबसे अच्छा माध्यम योग है। व्यक्तित्व विकास महोत्सव के प्रथम दिन शिशु वाटिका कार्यक्रम का संचालन वाटिका प्रमुख नमिता वर्मा के द्वारा किया गया जबकि किशोर वर्ग का संचालन कार्यक्रम के मार्गदर्शक ललित कुमार राय के द्वारा किया गया।
महोत्सव को सफल बनाने में जिला निरीक्षक रमेश चंद्र शुक्ल, वाणिकांत झा, ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव, मिथिलेश सिंह, धरनिकान्त पांडेय, फणीन्द्र नाथ झा,तकनीकी प्रमुख रवि श्रीवास्तव, भास्कर कुमार,केशव कुमार, ललन कुमार राय की सक्रिय भूमिका रही।

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