पटना/गोपालगंज (विसंके)। कभी पूर्व में तो कभी पश्चिम में बिहार में बम धमाकों का सिलसिला थम नहीं रहा है। ऐसा लग रहा है कि बिहार बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है। इस बार बम धमाका गोपालगंज के फुलवरिया के बथुआ बाजार में हुआ है। 9 मार्च को हुए इस धमाके में मो हलीम मियां के परखच्चे उड़ गए। वहीं उनका पुत्र अख्तर अली की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

बम ब्लास्ट की यह घटना गोपालगंज के फुलवरिया थाना क्षेत्र में हुई है। फुलवरिया की पहचान बिहार के कद्दावर नेता लालू प्रसाद से भी जुड़ी है। जिस मकान में धमाका हुआ, वह मकान पूरी तरह से धराशायी हो गया है। घटना के तुरंत बाद इसके अलावा फुलवरिया समेत पांच थानों की पुलिस को घटना स्थल पर पहुंच गई। धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि 55 वर्षीय हलीम मियां के चिथड़े-चिथड़े उड़ गये। पुलिस ने अलग-अलग जगहों से शव के टुकड़ों को बरामद किया और इसे बोरी में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

झुलसे पुत्र को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल फुलवरिया में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां इमरजेंसी वार्ड में उसका इलाज किया गया। फिर चिंताजनक स्थिति में डॉक्टरों ने उसे गोरखपुर रेफर कर दिया। एसपी आनंद कुमार ने बताया कि बम धमके की जांच की जा रही है। पटना और मुजफ्फरपुर से एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। इसके अलावा एटीएस की टीम को भी घटनास्थल के लिए बुलाया गया है। फिलहाल पुलिस ने इस पूरे इलाके को सील कर दिया और एक-एक बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है।

बम धमाके की घटना बिहार को सिलसिलेवार रूप से दहलाने की है। हालांकि प्रशासन अपनी रटी रटाई थ्योरी पर ही काम कर है। हथुआ एसडीपीओ नरेश कुमार ने बताया कि ब्लास्ट की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की तो पता चला कि मोहम्मद हलीम मियां और उसका पुत्र अख्तर अली पटाखा का कारोबार करते हैं और वे पटाखा भी बनाते हैं। पटाखा बनाने के बाद स्टॉक करके बाप बेटे पटाखा रखे हुए थे। इसी बीच ब्लास्ट हो गया। जिससे पिता की मौत हो गई और पुत्र जख्मी हो गया।  एसडपीओ नरेश कुमार ने कहा है कि पटाखा कारोबार के वैधता की जांच की जाएगी।

 

घटना के बारे में हलीम मियां की पड़ोसी आरती बताती हैं कि 9 मार्च को सुबह सवा 10 बजे जब वह सब्जी काट रही थी तो अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके के आवाज से अफरा तफरी मच गई। छत पर जाकर देखा तो हलीम मियां का तीसरा तल्ला पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था। एक अन्य पड़ोसी मोहन प्रसाद के मकान की शौचालय और कई कमरे बम धमाके से क्षतिग्रस्त हो गए।

संजीव कुमार, संपदाक, विसंके

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