पटना, 2 सिंतबर। 2 सिंतबर 1941 को कराची, पाकिस्तान में जन्मी साधना भारतीय फ़िल्मो की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री रही। उनका पूरा नाम ‘साधना शिवदासानी’ था।
अपने माता-पिता की इकलौती संतान साधना, देश के बंटवारे के बाद कराची छोड़कर मुम्बई आ गयी।
अपने पिता की मदद से वह बचपन से ही फ़िल्मो में काम करना शुरू कर दिया था। 1955 में राज कपूर की फ़िल्म श्री 420 के गीत ‘मुड़ मुड़ के न देख में’ उन्होंने कोरस गर्ल का पात्र निभाया था।
1958 में आई भारत की पहली सिंधी फ़िल्म ‘अबाना’ में उन्होंने मुख्य अभिनेत्री की बहन का पात्र अदा की थी।
उसके बाद ‘लव इन शिमला’, ‘प्रेम पत्र’ जैसी फिल्मों में साधना ने काम किया। 60 के ‘गोल्डन एरा’ में साधना ने बॉलीवुड पर राज किया। उस दौर में आई ‘हम दोनों’, ‘असली-नकली’, ‘वो कौन थी’ ऐसी तमाम फिल्में जिसमें उनके काम को उत्कृष्ट माना गया। इसी बीच वह ‘द मिस्ट्री गर्ल’ नाम का उपाधि उन्हें मिला।
साधना अपने बालों के स्टाइल के लिए भी लोकप्रिय रही। उनके बालों के स्टाइल का नाम ही ‘साधना स्टाइल’ पर चुका था।
उनकी बहुत फ़िल्मो ने बॉक्स ऑफिस में सफल साबित हुई। लेकिन सिनेमा जगत का कोई भी बड़ा आवर्ड उन्हें नहीं मिला। फ़िल्म ‘वह कौन थी’ और ‘वक़्त’ के लिए फ़िल्मफ़ेअर अवार्ड के सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए उनको नामांकित किया गया था। 2002 में आईफा में उन्हें ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ दे कर उनका सम्मान किया गया।
25 दिसंबर 2015 को 74 वर्ष की आयु में साधना का निधन हुआ। निधन से पहले वह कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से लंबे अरसे तक लड़ी। उन दिनों वह बिल्कुल अकेली हो चुकी थी।
अभिलाष दत्ता

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